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सम्मान समारोह: मुख्यमंत्री सम्राट ने सोमन राणा और झंडू कुमार को दी सम्मान राशि
बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले एथलीटों का हौसला बढ़ाने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मेधावी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया।
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Ankit Yadav
30 अग 2026, 13:56
बिहार की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में संपन्न हुए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ यानी कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे देश और विशेष रूप से बिहार का गौरव बढ़ाने वाले पदक विजेताओं को सम्मानित करने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में राज्य के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ मेधावी खिलाड़ियों को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई ताकि उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक संबल मिल सके।
सोमन राणा और झंडू कुमार को मिला सम्मान
इस भव्य और गरिमापूर्ण सम्मान समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद आगे आकर राज्य के दो दिग्गज और प्रतिभावान एथलीटों सोमन राणा और झंडू कुमार को सम्मानित किया। इन दोनों खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और असाधारण कौशल के बल पर वैश्विक मंच पर देश का तिरंगा ऊँचा किया था। सरकार द्वारा इन्हें दी गई यह सम्मान राशि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्षों का प्रतिदान है, बल्कि यह आने वाली युवा पीढ़ी के उन अनगिनत खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा प्रेरणास्त्रोत है जो अभावों के बावजूद खेल के मैदान में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
खेल जगत से जुड़े जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सरकारी प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता मिलने से खिलाड़ियों का मनोबल सातवें आसमान पर रहता है। जब किसी खिलाड़ी को उसकी मेहनत का सम्मान शासन स्तर पर मिलता है, तो उसे अपने अभ्यास और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान आने वाली आर्थिक और मानसिक बाधाओं से पार पाने में बहुत बड़ी मदद मिलती है। बिहार सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए यह आर्थिक सहायता इस बात का प्रमाण है कि राज्य में अब खेल और खिलाड़ियों को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जिससे आने वाले समय में यहाँ से और अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के सितारे निकल कर सामने आ सकते हैं।
खेल के बुनियादी ढांचे का विकास और भविष्य की उम्मीदें
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल पदक विजेताओं को सम्मानित करना ही काफी नहीं है, बल्कि राज्य के अंदर खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी उतना ही आवश्यक है। ग्रामीण स्तर पर खेल अकादमियों की स्थापना, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की उपलब्धता और खेलकूद के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। खिलाड़ियों और उनके कोचों ने इस बात की उम्मीद जताई है कि यदि इसी प्रकार का सकारात्मक सहयोग भविष्य में भी मिलता रहा, तो बिहार के युवा खिलाड़ी ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश के लिए और अधिक स्वर्ण और अन्य पदक जीतकर राज्य का नाम इतिहास के पन्नों में अमर कर देंगे।