उत्तर प्रदेश के रेवतीपुर इलाके में टेरिटोरियल आर्मी यानी प्रादेशिक सेना की भर्ती रैलियों और शारीरिक परीक्षाओं में भाग लेने के इच्छुक स्थानीय युवाओं के लिए एक विशेष खेल और दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से तैयार करना था ताकि वे सेना की कठिन भर्ती प्रक्रियाओं को आसानी से पार कर सकें। इस कार्यक्रम में एक प्रमुख युवा समाजवादी पार्टी (सपा) नेता ने विशेष रूप से पहुंचकर शिरकत की और मैदान में पसीना बहा रहे सभी धावकों तथा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न चरणों में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुल 20 धावकों को चुनकर उन्हें आगे की सफलताओं के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया, जिससे उपस्थित युवाओं में भारी उत्साह और ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अक्सर तब किया जाता है जब देश की सेनाओं द्वारा किसी बड़ी भर्ती अभियान की घोषणा की जाती है। टेरिटोरियल आर्मी जैसी प्रतिष्ठित और अनुशासित सैन्य इकाई में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा सबसे बड़ी बाधा होती है, जिसमें लंबी दौड़, पुश-अप्स और अन्य शारीरिक मापदंड शामिल होते हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज भी सेना भर्ती के प्रति युवाओं का आकर्षण और जुनून अत्यधिक देखा जाता है, और स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन मिलता है। राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण की दिशा में जोड़ने का प्रयास किया जाता है, जिससे वे नशे या अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर अपने भविष्य को संवारने में जुट जाते हैं।
इस आयोजन और 20 धावकों के चयन के बाद क्षेत्र के युवाओं में सेना में जाने की ललक और अधिक तीव्र हो गई है, और आने वाले दिनों में ऐसी अन्य छोटी-बड़ी खेल गतिविधियों के आयोजन की भी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों और स्थानीय चर्चाओं में इस बात को लेकर भी सराहना की जा रही है कि कैसे जनप्रितनिधि और युवा नेता जमीनी स्तर पर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक रूप से चैनलित करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। जब युवा नेताओं द्वारा इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाता है, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है बल्कि अनुशासित जीवनशैली अपनाने वाले युवाओं की एक नई फौज भी तैयार होती है, जो देश सेवा के प्रति समर्पित रहती है और अपनी शारीरिक फिटनेस के जरिए अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ती है।