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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़: तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे भारत में केवल 20 प्रतिशत लोग ही ड्राइविंग सीट पर हैं

देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का दायरा तेजी से फैल रहा है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार इसका नियंत्रण बहुत कम लोगों के हाथों में है।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 14:49
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़: तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे भारत में केवल 20 प्रतिशत लोग ही ड्राइविंग सीट पर हैं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक और राष्ट्रीय दौड़ में भारत एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं, और युवा से लेकर पेशेवर तक हर कोई इस नई डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा है।

नियंत्रण और नेतृत्व की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही देश में तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है, लेकिन इसकी 'ड्राइविंग सीट' यानी मुख्य नियंत्रण और दिशा तय करने वाले लोगों का आंकड़ा सिर्फ 20 फीसदी के आसपास ही है। इसका मतलब यह है कि एक बड़ा वर्ग अभी भी केवल इस तकनीक का उपभोक्ता या इस्तेमाल करने वाला बनकर रह गया है, जबकि इसके विकास और दिशा को नियंत्रित करने वाले विशेषज्ञ सीमित संख्या में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश को इस वैश्विक तकनीकी दौड़ में वास्तविक रूप से अग्रणी बनना है, तो इस आंकड़े को सुधारने की सख्त आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा प्रणाली और तकनीकी प्रशिक्षण में बड़े बदलाव लाने होंगे ताकि अधिक से अधिक युवाओं को केवल उपयोगकर्ता के बजाय तकनीक का निर्माता और मार्गदर्शक बनाया जा सके। आने वाले समय में यह चुनौती देश के तकनीकी भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होने वाली है।
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