कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      हूती विद्रोहियों से सऊदी अरब को बचाने के लिए ब्रिटेन तैनात करेगा टाइफून लड़ाकू विमान      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

बड़ा खतरा: यमन के आतंकियों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर बनाई मिसाइल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रमुख एआई कंपनी एंथ्रोपिक के एक हालिया खुलासे में पता चला है कि यमन के आतंकवादियों ने आधुनिक तकनीक का गलत फायदा उठाते हुए एआई के जरिए मिसाइल बनाने का काम किया है। इस घटना ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

A
Ankit Yadav
13 सित 2026, 11:00
बड़ा खतरा: यमन के आतंकियों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर बनाई मिसाइल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इन दिनों दुनिया भर में क्रांति ला रहा है, लेकिन इसके साथ ही इसके बुरे इस्तेमाल को लेकर भी लगातार चेतावनियां दी जा रही थीं। अब यह डर सच साबित होता नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाने-माने एआई संस्थान एंथ्रोपिक ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। कंपनी की रिपोर्ट बताती है कि यमन के सक्रिय आतंकवादी संगठनों ने उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल का रुख किया और उसकी मदद से मिसाइल प्रणालियों को विकसित करने में सफलता हासिल की। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि तकनीक अब असामाजिक तत्वों और चरमपंथियों के हाथों में भी हथियार बन सकती है।

एआई सुरक्षा पर मंडराया बड़ा संकट

पैराग्राफ दो में यदि इस तकनीकी पहलू पर गौर किया जाए, तो पता चलता है कि ओपन-सोर्स और कमर्शियल एआई टूल्स का दुरुपयोग किस हद तक खतरनाक हो सकता है। आतंकवादी समूहों द्वारा इस तरह की अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग यह दर्शाता है कि वे अब पारंपरिक हथियारों के निर्माण और रणनीति से आगे बढ़कर सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम आधारित सैन्य क्षमताओं को हासिल कर रहे हैं। एंथ्रोपिक द्वारा किए गए इस खुलासे के बाद से तकनीकी और कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। दुनिया भर की सरकारें और सुरक्षा एजेंसियां अब यह विचार करने पर मजबूर हो गई हैं कि इस प्रकार के शक्तिशाली एआई मॉडलों तक पहुंच को कैसे नियंत्रित किया जाए और उनकी सुरक्षा दीवारों को कैसे और मजबूत बनाया जाए। पारंपरिक रूप से मिसाइल निर्माण और उन्नत हथियार प्रणालियों को तैयार करने के लिए अत्यधिक जटिल वैज्ञानिक अनुसंधान, महंगे संसाधनों और विशेष प्रयोगशालाओं की आवश्यकता होती थी। हालांकि, जिस प्रकार से एआई ने जटिल गणनाओं और डिजाइनिंग को आसान बना दिया है, उसने अपराधियों और उग्रवादियों के लिए रास्ता काफी सुगम कर दिया है। एंथ्रोपिक की यह चेतावनी स्पष्ट करती है कि तकनीकी कंपनियां भविष्य में किसी भी अनर्थ को रोकने के लिए अपनी प्रणालियों में और अधिक कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।

वैश्विक स्तर पर नीतिगत बदलाव की जरूरत

आने वाले दिनों में इस खुलासे का असर पूरी दुनिया की टेक इंडस्ट्री और रक्षा नीतियों पर पड़ना तय है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त नियम और कानून बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि कोई भी आतंकवादी संगठन तकनीक का गलत लाभ न उठा सके। एंथ्रोपिक की यह रिपोर्ट पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि आने वाले समय में साइबर सुरक्षा और एआई गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी, अन्यथा परिणाम बेहद विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज