कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
ITBP DG बोले- चीन से अरुणाचल में झड़पें जारीं: सैन्य ताकत में वह काफी आधुनिक और आगे, अब पुराने तरीकों से मु...      'आजम थे, हैं और रहेंगे, फर्जी मुकदमे लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकते', जेल में मुलाकात के बाद बोले अखिलेश      दोनों चुनाव आयुक्तों ने सीनियर ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की, कैबिनेट सचिव को लिखी चिट्ठी-RTI में खुलासा      MLC वोटिंग से पहले आधी रात को 7 गाड़ियों में पहुंची पुलिस, पटना में RJD प्रत्याशी डॉ संजीव के घर क्या हुआ?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      ‘ये गड़बड़ी आपने की, जिम्मेदार भारत को ठहरा रहे’, यूरोप को उसी के घर में सुना आए पीयूष गोयल      सौरभ दास ने बाहर आते ही किया 'कांड', नहीं मानी पुलिस की बात; रांका भी घिरे, Ncr Hindi News      देश के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट में सॉफ्टवेयर हटाए: नई रूसी हार्डवेयर तकनीक का इस्तेमाल होगा; 10 साल मे ...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

चिकित्सा अनुसंधान में बड़ी सफलता: एसजीपीजीआई लखनऊ को आईसीएमआर से मिली 20 करोड़ रुपये की स्पेशल रिसर्च फंडिंग

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) लखनऊ को एडवांस हेल्थकेयर स्टडीज और दुर्लभ बीमारियों पर शोध के लिए ICMR द्वारा 20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुदान स्वीकृत हुआ है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 17:55
चिकित्सा अनुसंधान में बड़ी सफलता: एसजीपीजीआई लखनऊ को आईसीएमआर से मिली 20 करोड़ रुपये की स्पेशल रिसर्च फंडिंग
देश के अग्रणी सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों में शुमार संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) लखनऊ के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एसजीपीजीआई को एडवांस क्लिनिकल रिसर्च और दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों के इलाज पर शोध करने के लिए 20 करोड़ रुपये का विशेष अनुसंधान बजट स्वीकृत किया है। इस बजटीय सहायता का उपयोग संस्थान में नई अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, जीनोम सीक्वेंसिंग मशीनों की खरीद और वैश्विक स्तर की रिसर्च स्टडीज को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इस अनुदान के मिलने से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए नए और किफायती इलाज के रास्ते खुलेंगे।

एडवांस जीनोमिक्स और नई तकनीकों पर होगा शोध

एसजीपीजीआई के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की टीम इस फंड का उपयोग मुख्य रूप से कैंसर, किडनी विकार, ऑटोइम्यून डिजीज और बच्चों में होने वाली दुर्लभ जन्मजात बीमारियों के आणविक (molecular) कारणों का अध्ययन करने के लिए करेगी। संस्थान में पहले से चल रहे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को इस आर्थिक सहायता से नई गति मिलेगी। आईसीएमआर के अधिकारियों के अनुसार, एसजीपीजीआई का रिसर्च ट्रैक रिकॉर्ड बेहद उत्कृष्ट रहा है, जिसे देखते हुए संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में यह अनुदान प्रदान किया गया है। इससे मेडिकल छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को भी विश्वस्तरीय शोध करने का अवसर प्राप्त होगा।

आम जनता को मिलेगा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य लाभ

संस्थान के निदेशक ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि शोध से प्राप्त निष्कर्षों का सीधे तौर पर मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाएगा। जब गंभीर बीमारियों के सटीक कारणों का पता स्थानीय स्तर पर चल सकेगा, तो इलाज की लागत में काफी कमी आएगी और दवाओं के साइड इफेक्ट्स को कम करने में सफलता मिलेगी। यह फंडिंग भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत चिकित्सा विज्ञान में स्वदेशी समाधान विकसित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे लखनऊ का नाम अंतरराष्ट्रीय रिसर्च मैप पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज