प्रसार भारती की नई डी2एम योजना
प्रसार भारती देश भर में डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में अब बिना किसी इंटरनेट कनेक्शन और रिचार्ज के मोबाइल फोन पर सीधे लाइव टीवी प्रसारित करने की तैयारी तेजी से चल रही है। इस नई प्रणाली के जरिए आम नागरिकों को बिना महंगे डेटा पैक के सीधा प्रसारण देखने का मौका मिलेगा। सरकारी प्रसारक ने इस उन्नत प्रसारण सेवा को धरातल पर उतारने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत तकनीकी कंपनियों और निर्माताओं को आपस में जोड़कर एक मजबूत ढांचा तैयार किया जाएगा। प्रसारण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इससे देश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को बहुत फायदा पहुंचेगा। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि सिग्नल मिलने में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
एक महीने में कंपनियों का चयन
इस बड़ी तकनीकी पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रसार भारती अगले एक महीने के भीतर योग्य कंपनियों का चयन पूरा कर लेगा। चयन प्रक्रिया में उन संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो इस तकनीक को तेजी से और सुरक्षित तरीके से लागू करने में सक्षम हैं। कंपनियों के चयन के बाद हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के स्तर पर काम को रफ्तार दी जाएगी ताकि आम जनता तक यह सुविधा जल्द से जल्द पहुंच सके। इस चयन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही आगे की समयसीमा और अन्य तकनीकी साझेदारियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों की तकनीकी दिग्गज कंपनियों ने इस परियोजना में गहरी रुचि दिखाई है। चयन समिति सभी प्रस्तावों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सबसे बेहतरीन और भरोसेमंद साझीदार को चुना जा सके। इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और समयबद्ध तरीके से हर कदम उठाया जा रहा है।
बिना इंटरनेट प्रसारण की पृष्ठभूमि
पारंपरिक रूप से मोबाइल पर वीडियो देखने के लिए महंगे इंटरनेट डेटा या वाई-फाई कनेक्शन की आवश्यकता होती है जो हर नागरिक की पहुंच में नहीं होता है। डी2एम तकनीक ब्रॉडबैंड और ब्रॉडकास्टिंग का एक अनूठा संलयन है जो सीधे ट्रांसमीटरों से मोबाइल उपकरणों तक वीडियो सिग्नल पहुंचाता है। इस तकनीक के आने से यूजर बिना किसी डेटा खर्च के अपने स्मार्टफोन पर उच्च गुणवत्ता वाले लाइव प्रसारण का आनंद उठा सकेंगे। दुनिया भर में इस तकनीक को लेकर परीक्षण चल रहे हैं और भारत में भी इसे व्यापक पैमाने पर लागू करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति या आपदा के समय यह प्रणाली सूचना प्रसारित करने का सबसे सशक्त माध्यम साबित हो सकती है। आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर भी इंटरनेट रिचार्ज का बोझ कम होगा और डिजिटल मनोरंजन तक सबकी पहुंच आसान बनेगी। प्रसार भारती का यह कदम देश में डिजिटल क्रांति को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।