‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
"ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार
ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!
दिल्ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
ड्रोन क्रांति: आईआईटी मद्रास में युवाओं के लिए पांच दिवसीय विशेष सिम्पोजियम का आयोजन
आईआईटी मद्रास की ओर से ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़े पांच दिवसीय सिम्पोजियम का आयोजन किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को इस आधुनिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
A
Ankit Yadav
17 सित 2026, 10:49
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने आधुनिक तकनीक की दुनिया में कदम बढ़ाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान द्वारा मानवरहित विमान प्रणालियों यानी ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गहरी रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं और उभरते हुए डिजाइनरों के लिए पांच दिवसीय विशेष सिम्पोजियम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली युवाओं को मानवरहित हवाई वाहनों की कार्यप्रणाली, उनकी बनावट और विभिन्न क्षेत्रों में उनके व्यावहारिक उपयोग से रूबरू कराना है। आज के समय में ड्रोन तकनीक केवल मनोरंजन या वीडियोग्राफी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में इसका दायरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
ड्रोन तकनीक का बढ़ता दायरा और युवाओं के लिए अवसर
लखनऊ और उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए इस तरह के आयोजन बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान देश-विदेश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के दिग्गज प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। युवाओं को यह सीखने का मौका मिल रहा है कि कैसे जटिल कोडिंग, सेंसर एकीकरण और एयरोडायनामिक्स के जरिए एक बेहतरीन ड्रोन का निर्माण किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं दिया जा रहा है, बल्कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और लाइव सिमुलेशन के जरिए आधुनिक तकनीकों को खुद परखने का पूरा अवसर भी मिल रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में भारत में ड्रोन निर्माण और उससे जुड़ी सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होने वाले हैं। ऐसे में आईआईटी मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा इस प्रकार के विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करना देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र भी इस प्रकार की पहलों में हिस्सा लेने के लिए खासे उत्सुक रहते हैं, क्योंकि इससे उन्हें व्यावहारिक उद्योग कौशल हासिल करने का प्रत्यक्ष मौका मिलता है।
भविष्य की योजनाएं और तकनीकी आत्मनिर्भरता
सिम्पोजियम के अंतिम दिनों में प्रतिभागियों के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का भी प्रावधान किया गया है, जहां वे अपने अनोखे ड्रोन डिजाइन और आइडियाज को प्रस्तुत कर सकेंगे। सर्वश्रेष्ठ नवाचारों को संस्थान और उद्योग जगत के निवेशकों द्वारा आगे बढ़ाने में मदद मिलने की भी पूरी संभावना है। इस पांच दिवसीय आयोजन के सफल समापन के बाद युवाओं में तकनीकी स्टार्टअप शुरू करने का आत्मविश्वास और अधिक मजबूत होगा, जो अंततः देश के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति और मजबूती प्रदान करेगा।