कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी ब्रेकिंग

ड्रोन महाकुंभ: भारतीय वायुसेना का ड्रोनाथन 2026 पोखरण में शुरू

भारतीय वायुसेना ने अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों की क्षमता परखने के लिए अपने महत्वाकांक्षी ड्रोनाथन 2026 की शुरुआत पोखरण में कर दी है।

A
Ankit Yadav
16 सित 2026, 10:39
ड्रोन महाकुंभ: भारतीय वायुसेना का ड्रोनाथन 2026 पोखरण में शुरू
भारतीय वायुसेना ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए आज से आधिकारिक तौर पर 'ड्रोनाथन 2026' का भव्य शुभारंभ कर दिया है। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य केंद्र राजस्थान के पोखरण में स्थित सैन्य क्षेत्र को बनाया गया है, जहाँ देश भर से आए अत्याधुनिक ड्रोन सिस्टम्स और मानवरहित एरियल व्हीकल्स की कड़ी परीक्षा ली जा रही है। इस प्रतियोगिता और परीक्षण शिविर का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स, अनुसंधानकर्ताओं और रक्षा निर्माताओं द्वारा तैयार की गई उन्नत तकनीकों को जमीनी स्तर पर परखना है, ताकि युद्ध के मैदान में आने वाली चुनौतियों का सटीक समाधान निकाला जा सके।

पोखरण के रण में उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके अपनी विषम भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के लिए जाने जाते हैं, जो सैन्य उपकरणों के परीक्षण के लिए सबसे आदर्श माने जाते हैं। ड्रोनाथन 2026 के तहत इन कठिन परिस्थितियों में ड्रोन की सहनशक्ति, नेविगेशन सटीकता, पेलोड ले जाने की क्षमता और दुश्मन के रडार से बचने के कौशल का गहराई से आकलन किया जा रहा है। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ व्यक्तिगत रूप से इन सभी परीक्षणों की निगरानी कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रक्षा बलों को भविष्य के अभियानों के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और सबसे भरोसेमंद उपकरण मिल सकें। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में इस प्रकार के आयोजन मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। पारंपरिक युद्ध रणनीतियों में अब मानवरहित प्रणालियों की भूमिका सर्वोपरि हो चुकी है, और भारतीय वायुसेना इस तकनीक में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहती है। इस मंच के माध्यम से घरेलू रक्षा निर्माताओं को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अभूतपूर्व अवसर मिल रहा है, जिससे उन्हें अपनी कमियों को सुधारने और वैश्विक स्तर के उत्पाद विकसित करने में मदद मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इन परीक्षणों के परिणाम बेहद सकारात्मक आएंगे और कई स्वदेशी ड्रोन मॉडल्स को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल करने के लिए चुना जाएगा। इस आयोजन की सफलता न केवल देश की सामरिक ताकत को कई गुना बढ़ाएगी, बल्कि रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत को एक आत्मनिर्भर महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज