फिटबिट एज की मुख्य विशेषताएं और लॉन्च
गूगल ने फिटनेस ट्रैकिंग की दुनिया में एक नया कदम उठाते हुए फिटबिट एज पेश किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे उन्नत फिटनेस बैंड माना जा रहा है। इस डिवाइस में बिल्ट-इन जीपीएस, ईसीजी ऐप, स्किन टेम्परेचर सेंसर और लगातार हार्ट रेट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। यह ट्रैकर 50 से अधिक एक्सरसाइज मोड को सपोर्ट करता है और 100 प्रकार की गतिविधियों को स्वतः पहचानकर रिकॉर्ड करने में सक्षम है। फिलहाल इसे केवल अमेरिका के बाजार में उतारा गया है, जहां इसकी कीमत 179.99 डॉलर रखी गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 16,000 रुपये के बराबर है। कंपनी ने इसके लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी है और इसकी बिक्री 27 अक्टूबर से शुरू होगी। जो ग्राहक इसे खरीदेंगे, उन्हें तीन महीने के लिए गूगल हेल्थ प्रीमियम का सब्सक्रिप्शन मुफ्त मिलेगा। भारत में इसकी उपलब्धता और कीमत के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
डिज़ाइन और तकनीकी क्षमता का विवरण
फिटबिट एज को बेहद पतले और हल्के डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। इसका वजन बिना बैंड के मात्र 17.7 ग्राम है और इसकी मोटाई 11.5 मिलीमीटर है। इसे रिसाइकिल किए गए एल्युमिनियम से बनाया गया है, जिससे इसका केस एप्पल वॉच सीरीज 12 की तुलना में 45 प्रतिशत तक हल्का हो जाता है। इसमें एक फिजिकल साइड बटन भी दिया गया है, जो दौड़ते या व्यायाम करते समय वर्कआउट को नियंत्रित करने में मदद करता है। डिवाइस में मौजूद ईसीजी ऐप यूजर को अपनी कलाई से हार्ट रिदम चेक करने की सुविधा देता है। इसमें ऑप्टिकल हार्ट रेट सेंसर और स्किन टेम्परेचर सेंसर भी शामिल हैं, जो रात के समय शरीर के तापमान में होने वाले बदलावों को ट्रैक करते हैं। कंपनी ने इसमें हेल्थ गार्डियन नाम का फीचर भी दिया है, हालांकि इसे किसी मेडिकल जांच का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी की पुष्टि के लिए इन सेंसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए।
पर्सनलाइज्ड फिटनेस और भविष्य की योजनाएं
फिटबिट एज की सबसे बड़ी खासियत इसका गूगल हेल्थ कोच फीचर है, जो यूजर के फिटनेस डेटा के आधार पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह डिवाइस चार रंगों में उपलब्ध है, जिनमें ओब्सीडियन, फॉग, ऑलिव और कैन्यन शामिल हैं। इसकी बैटरी तकनीक इतनी उन्नत है कि केवल 5 मिनट की चार्जिंग में इसे पूरे एक दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें बिल्ट-इन जीपीएस होने के कारण आउटडोर रनिंग के दौरान फोन साथ रखने की मजबूरी नहीं रहेगी। यह फिटनेस ट्रैकर कदम गिनने के अलावा नींद, वर्कआउट और दैनिक गतिविधियों पर भी बारीक नजर रखता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ट्रैकर से मिलने वाली जानकारी के आधार पर दवा या इलाज में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। यह डिवाइस उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपनी सेहत को लेकर जागरूक हैं और एक स्मार्ट गैजेट के जरिए अपनी प्रगति को ट्रैक करना चाहते हैं। फिलहाल भारतीय ग्राहकों को इसके स्थानीय बाजार में आने का इंतजार करना होगा।