मेले का आयोजन और मुख्य उद्देश्य
हो ची मिन्ह सिटी में गोएथे इंस्टीट्यूट द्वारा एक विशेष विज्ञान मेले का आयोजन किया जा रहा है जो जर्मन वाणिज्य दूतावास के संरक्षण में संचालित है। यह कार्यक्रम टैन सोन होआ वार्ड के 257 होआंग वान थू स्ट्रीट स्थित परिसर में तीन दिनों तक चलेगा। इस वर्ष के आयोजन का केंद्रीय विषय 'भविष्य के साथ संवाद: एआई - समाज - जिम्मेदारी' रखा गया है। इसका मुख्य लक्ष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और समाज के प्रति हमारी साझा जवाबदेही पर चर्चा करना है। इस आयोजन में विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों, तकनीकी प्रदर्शनियों और इंटरैक्टिव गतिविधियों को शामिल किया गया है ताकि आम जनता और छात्रों को जटिल विज्ञान सरलता से समझ आ सके। कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जैसे वियतनाम नेशनल यूनिवर्सिटी के साइंस विभाग, हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन और वियतनामी-जर्मन विश्वविद्यालय ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है। यह मेला विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को विज्ञान के करीब लाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
विविध गतिविधियाँ और प्रयोगात्मक अनुभव
विज्ञान मेले में प्रतिभाग करने वाले लोगों के लिए अनेक व्यावहारिक और अनुभवात्मक गतिविधियां तैयार की गई हैं। इसमें एसटीईएम यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के सिद्धांतों पर आधारित सत्र शामिल हैं। कार्यशालाओं के दौरान प्रतिभागी पेपर सर्किट पॉप-अप कार्ड बनाने, स्पेक्ट्रोस्कोपिक चश्मे तैयार करने और आइसक्रीम शेक बनाने जैसे रोमांचक प्रयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पृथ्वी के रहस्यों को खोजने, हरित डिजाइन तैयार करने, कार्बन पेंटिंग करने और एआई तकनीक को कविता या रचनात्मक कला से जोड़ने का अनूठा अनुभव भी प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण विज्ञान फिल्म महोत्सव है, जहाँ बच्चों और वयस्कों के लिए विशेष फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ये फिल्में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों से जुड़ी कहानियों के माध्यम से समाज को नया नजरिया प्रदान करती हैं। इन फिल्मों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक विषयों को कहानी के रूप में पेश किया गया है, जिससे प्रतिभागियों के मन में नई जिज्ञासाएं पैदा हो रही हैं।
एआई का प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज मानव जीवन के हर पहलू को गहराई से प्रभावित कर रही है, चाहे वह काम करने का तरीका हो या सीखने और सृजन करने की प्रक्रिया। विज्ञान मेले 2026 के दौरान विशेषज्ञों, शिक्षकों और कलाकारों ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे एआई हमारे भविष्य को आकार दे रहा है और इसके साथ ही नैतिकता, समावेशिता और सतत विकास के नए सवाल भी खड़े हो रहे हैं। यह आयोजन समुदाय को इन चुनौतियों पर खुलकर संवाद करने का अवसर देता है। पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषयों को भी इस मेले में प्रमुखता से शामिल किया गया है ताकि समुदाय आधारित नवाचारों को बढ़ावा मिल सके। आयोजकों का मानना है कि सिनेमा और व्यावहारिक कार्यशालाओं के माध्यम से लोग उन वैज्ञानिक पहलुओं को बेहतर समझ पाएंगे जो उनके दैनिक जीवन को बदल रहे हैं। यह तीन दिवसीय आयोजन केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में एक जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु नई दिशा और सार्थक चर्चाओं का मार्ग प्रशस्त करने की कोशिश कर रहा है।