कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

बिना मिट्टी के पोषक पानी में पौधे उगाने की हाइड्रोपोनिक्स तकनीक भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है, जो छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाती है।

आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और नई तकनीकों से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए हाल ही में एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने हाइड्रोपोनिक्स खेती के तौर-तरीकों को बारीकी से समझा।

A
Ankit Yadav
06 सित 2026, 11:32
कृषि नवाचार: हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से रूबरू हुए स्टूडेंट्स
आज के समय में कृषि क्षेत्र में पारंपरिक तरीकों के अलावा आधुनिक तकनीकों का बोलबाला तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को मिट्टी के बिना खेती करने की आधुनिक विधि यानी हाइड्रोपोनिक्स से रूबरू कराया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को टिकाऊ कृषि और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे भविष्य में कृषि विज्ञान और पर्यावरण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकें। इस दौरान छात्रों ने इस तकनीक से जुड़ी बारीकियों को बहुत ही उत्सुकता के साथ सीखा और इसके लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के प्रमुख फायदे

हाइड्रोपोनिक्स एक ऐसी आधुनिक कृषि प्रणाली है जिसमें पौधों को उगाने के लिए मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि उन्हें पोषक तत्वों से युक्त पानी के घोल में विकसित किया जाता है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को समझाया कि इस विधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक खेती की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में कम जगह और छतों पर भी इस तकनीक की मदद से आसानी से सब्जियां और पौधे उगाए जा सकते हैं। कृषि शिक्षा से जुड़े इस तरह के व्यावहारिक सत्र छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और कृषि विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि बढ़ती जनसंख्या और घटती कृषि योग्य भूमि के बीच इस प्रकार की तकनीकें भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। छात्रों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया और इस बात को समझा कि कैसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर कृषि को अधिक लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। इस प्रकार के शैक्षिक दौरों और कार्यशालाओं से युवाओं में कृषि और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ती है, जो देश के समग्र विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है। भविष्य में इस तरह के आयोजनों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक छात्र आधुनिक कृषि तकनीकों से लाभान्वित हो सकें। शिक्षाविदों का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान मिलना छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि यह अनुभव विद्यार्थियों के भविष्य के करियर और उनकी सोच को एक नई दिशा देगा, जिससे वे कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज