एप्पल के नए महंगे आईफोन डुओ की बड़ी बिक्री योजना
स्मार्टफोन बाजार में एप्पल कंपनी ने एक ऐसा कदम उठाया है जिस पर हर किसी की नजर टिकी हुई है और लोग हैरान हैं। कंपनी ने अपने नए आईफोन डुओ मॉडल की भारी भरकम बिक्री का लक्ष्य तय किया है जो सबको चौंका रहा है। इस नए और अत्यधिक महंगे मॉडल की कीमत भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 3 लाख रुपये तक बताई जा रही है। शुरुआती दौर में जब इस फोन की कीमत सामने आई थी तो बाजार में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे थे। आम लोगों और खरीदारों के बीच यह बड़ी चर्चा का विषय बन गया था कि आखिर इतने महंगे उत्पाद को बाजार में कौन खरीदेगा। तमाम लोगों का मानना था कि इतनी ऊंची कीमत के कारण इस फोन की बिक्री बहुत कम होगी और इसे खरीदार मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसके बावजूद कंपनी ने इस साल अपने इस प्रीमियम और महंगे आईफोन डुओ की बाजार में कुल 60 लाख यूनिट बेचने की बड़ी तैयारी कर ली है। यह कदम तकनीकी दुनिया में बहुत बड़ा माना जा रहा है क्योंकि किसी भी महंगे फोन के लिए यह आंकड़ा काफी ऊंचा होता है।
बाजार की शुरुआती आशंकाओं के बीच बड़े लक्ष्य का निर्धारण
जब से इस महंगे उपकरण की कीमत और बाजार में इसकी उपलब्धता की खबरें सामने आई हैं तब से टेक प्रेमियों के बीच बहस छिड़ी हुई है। शुरुआत में विश्लेषकों का यह भी कहना था कि आम ग्राहकों के लिए इस बजट में फोन खरीदना लगभग असंभव सा होगा। बाजार के जानकारों का तर्क था कि इतने ऊंचे दाम वाले फोन की मांग बहुत सीमित दायरे में ही सिमट कर रह जाएगी। हालांकि इन तमाम आशंकाओं और आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कंपनी ने अपनी उत्पादन और बिक्री रणनीति को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। एप्पल ने यह साबित कर दिया है कि उनके वफादार और प्रीमियम ग्राहकों का दायरा बहुत बड़ा है जो ऐसे महंगे उत्पादों को आसानी से अपनाते हैं। कंपनी का यह लक्ष्य इस बात का संकेत देता है कि वे अपने ब्रांड के दम पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस साल के अंत तक 60 लाख यूनिट बेचने का यह आंकड़ा हासिल करना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है। बाजार में इस योजना के लागू होने के बाद से अन्य बड़ी कंपनियों की रणनीतियों पर भी इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है क्योंकि हर कोई प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार की पृष्ठभूमि और इसका महत्व
मोबाइल फोन के इतिहास में जब भी कोई नया उत्पाद बहुत ऊंची कीमत पर लॉन्च किया जाता है तो उसकी सफलता पर हमेशा सवालिया निशान लगते रहे हैं। पुरानी पृष्ठभूमि को देखें तो एप्पल हमेशा से अपने महंगे और प्रीमियम उत्पादों के लिए जानी जाती है जो दुनिया भर के तकनीकी बाजारों में एक अलग पहचान रखते हैं। इस तरह के महंगे फोन केवल आम संचार का साधन नहीं बल्कि स्टेटस सिंबल और अत्याधुनिक तकनीक का नमूना माने जाते हैं। सामान्य खरीदार अक्सर इतनी बड़ी रकम खर्च करने से बचते हैं लेकिन उच्च आय वर्ग के उपभोक्ता हमेशा नवीनतम तकनीक को अपनाने के लिए उत्सुक रहते हैं। इस प्रकार की बिक्री योजनाएं यह दिखाती हैं कि वैश्विक स्तर पर महंगे गैजेट्स की मांग में कोई खास कमी नहीं आई है बल्कि इसमें लगातार बढ़ोतरी ही हो रही है। आने वाले समय में यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने इस 60 लाख यूनिट के भारी लक्ष्य को किस प्रकार हासिल करती है और बाजार में इसकी कितनी वास्तविक मांग बनी रहती है। इस पूरी प्रक्रिया से यह भी स्पष्ट होता है कि तकनीकी कंपनियां अपने उत्पादों की कीमत तय करते समय बाजार की क्रय शक्ति और अपने खास ग्राहक वर्ग का पूरा ध्यान रखती हैं।