कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

साइबर सुरक्षा जागरूकता: उत्तरकाशी में डिजिटल प्रभाव और साइबर अपराध पर विशेष जानकारी

उत्तरकाशी में डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव और इसके दौर में पनप रहे साइबर अपराधों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर चर्चा की गई।

A
Ankit Yadav
30 अग 2026, 12:17
साइबर सुरक्षा जागरूकता: उत्तरकाशी में डिजिटल प्रभाव और साइबर अपराध पर विशेष जानकारी
आज के दौर में जब हर इंसान तकनीक और इंटरनेट से तेजी से जुड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों की घटनाएं भी बहुत तेजी से बढ़ती जा रही हैं। इसी विषय को गंभीरता से लेते हुए उत्तरकाशी क्षेत्र में डिजिटल दुनिया के विभिन्न पहलुओं और इससे जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और युवाओं को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अनजाने में किसी धोखाधड़ी का शिकार न बनें।

बढ़ते डिजिटल प्रभाव और चुनौतियां

उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी अब इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बहुत आम हो चुकी है। लोग बैंकिंग से लेकर खरीदारी तक हर काम के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, तकनीकी सुविधाओं के बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई को हड़पने के नए हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा के नियमों की जानकारी होना हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि वे खुद को सुरक्षित रख सकें। आयोजित इस सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों को विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन घोटालों जैसे फिशिंग, फेक कॉल्स, लॉटरी के झांसे और ओटीपी धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि किस तरह से अपराधी लोगों की व्यक्तिगत जानकारियों का गलत फायदा उठाते हैं। उपस्थित लोगों को यह भी सिखाया गया कि किसी भी संदेहास्पद लिंक पर क्लिक करने से कैसे बचना चाहिए और अपने पासवर्ड तथा पिन नंबर को पूरी तरह से गोपनीय कैसे रखना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए और किस प्रकार साइबर हेल्पलाइन पोर्टल की मदद लेनी चाहिए, इस पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीक से नहीं बल्कि हमारी अपनी सतर्कता से सुनिश्चित होती है। थोड़ी सी सावधानी और सूझबूझ से हम बड़े से बड़े डिजिटल फ्रॉड से बच सकते हैं। इस प्रकार के जागरूकता अभियानों से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है और लोग तकनीक का इस्तेमाल बिना किसी डर के समझदारी के साथ कर पाते हैं। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों के होने से ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के लोगों को बहुत लाभ मिलता है, जिससे वे भविष्य में आने वाले डिजिटल खतरों का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहते हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज