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सेमीकंडक्टर हब: सेमीकॉन इंडिया 2026 में पीएम मोदी ने रखा देश का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेमीकॉन इंडिया 2026' सम्मेलन में देश की तकनीकी प्राथमिकताओं और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को लेकर अपने विचार साझा किए।
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Ankit Yadav
17 सित 2026, 17:30
भारतीय प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाले 'सेमीकॉन इंडिया 2026' सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य संबोधन दिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश और दुनिया भर से तकनीकी दिग्गज, उद्योगपति और नीति निर्माता शामिल हुए हैं ताकि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में चर्चा की जा सके।
भारत में तकनीकी क्रांति का नया दौर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि आज का भारत तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के लिए भारत एक भरोसेमंद और मजबूत भागीदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने देश के भीतर चिप डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में विस्तार से बताया। सरकार की इन नीतियों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और उच्च तकनीक वाले उद्योगों को आकर्षित करना है।
आधुनिक समय में सेमीकंडक्टर केवल एक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण और रक्षा क्षेत्र जैसे कई अहम क्षेत्रों की रीढ़ बन चुके हैं। कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक स्तर पर जिस तरह से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई थी, उसके बाद से हर प्रमुख अर्थव्यवस्था इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की कोशिश कर रही है। भारत ने भी 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत इस दिशा में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया है और कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने देश में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है।
भविष्य की नीतियां और वैश्विक सहयोग
इस सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में तकनीकी विशेषज्ञों ने चिप निर्माण में आने वाली चुनौतियों, अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) तथा कौशल विकास पर मंथन किया। प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि भारत में कुशल श्रम शक्ति और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध है, जो इस उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह सक्षम है। सरकार का यह प्रयास है कि देश न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करे बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी चिप्स का निर्यात करे।
आगामी वर्षों में इस क्षेत्र में होने वाले निवेश से देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। सेमीकॉन इंडिया 2026 जैसे बड़े आयोजनों से भारत के डिजिटल भविष्य को एक नई दिशा मिल रही है और वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी देश की नीतियों पर लगातार मजबूत हो रहा है।