‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
"ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार
ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!
दिल्ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
सेमीकंडक्टर क्रांति: प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया का किया भव्य उद्घाटन, 52 देशों की सैकड़ों दिग्गज कंपनियों ने लिया हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन कर दिया है। इस वैश्विक कार्यक्रम में दुनिया भर के 52 देशों की सैकड़ों प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, जिससे भारत के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
A
Ankit Yadav
17 सित 2026, 16:09
भारतीय प्रौद्योगिकी और विनिर्माण जगत के लिए एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। इस बड़े आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना और तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाना है। देश के विभिन्न हिस्सों से लेकर उत्तर प्रदेश और राजधानी लखनऊ जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक इस बात की चर्चा है कि कैसे यह पहल देश के तकनीकी भविष्य को पूरी तरह से बदल सकती है। आधुनिक युग में चिप निर्माण किसी भी देश की डिजिटल और आर्थिक संप्रभुता के लिए बेहद अहम माना जाता है, और भारत इस दिशा में पूरी ताकत से आगे बढ़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी उत्साह और वैश्विक भागीदारी
इस सम्मेलन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दुनिया भर के कुल 52 देशों से सैकड़ों बड़ी कंपनियां और तकनीकी दिग्गज भाग ले रहे हैं। विदेशी निवेशकों, शोधकर्ताओं और उद्योगपतियों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय बाजार और नीतियों को लेकर कितना अधिक भरोसा और आकर्षण पैदा हुआ है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य बड़े राज्यों के तकनीकी संस्थानों और औद्योगिक गलियारों में भी इस वैश्विक सहभागिता को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के आयोजनों से न केवल अत्याधुनिक तकनीकों का आदान-प्रदान होता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते भी खुलते हैं, जो लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
रोजगार के नए अवसर और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा
इस प्रकार के वृहद आयोजनों का सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं और स्थानीय उद्योगों को मिलने की पूरी उम्मीद है। जब दुनिया भर की नामी-गिरामी चिप डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भारत का रुख करती हैं, तो इससे देश के भीतर रोजगार के लाखों नए और बेहतर अवसर पैदा होते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में भी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए आने वाले दिनों में रोजगार के तमाम नए द्वार खुलने की संभावना है। सरकार का मुख्य जोर यही है कि देश में ही चिप्स का उत्पादन हो ताकि ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम जैसे तमाम सेक्टर अपनी विदेशी निर्भरता को पूरी तरह से खत्म कर सकें।
भविष्य की नीतियां और भारत की बढ़ती साख
सेमीकॉन इंडिया जैसे सम्मेलनों का सफल आयोजन इस बात का सुबूत है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि वह इसका एक प्रमुख निर्माता और वैश्विक प्रदाता बनना चाहता है। आने वाले समय में इस दिशा में कई और नीतिगत सुधार और बड़े निवेश देखने को मिल सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को अभूतपूर्व गति मिलेगी। सरकार और उद्योग जगत के बीच तालमेल से यह पूरा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो रहा है, और पूरी दुनिया की नजरें अब भारत के इस महत्वाकांक्षी तकनीकी सफर पर टिकी हुई हैं।