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सेमीकंडक्टर मिशन: देश में तकनीकी क्षेत्र का दूसरा चरण हुआ शुरू, पीएम मोदी ने सेमिनकॉन इंडिया में की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमिनकॉन इंडिया सम्मेलन के दौरान देश में सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की है। इस कदम से भारत के तकनीकी और औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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Ankit Yadav
18 सित 2026, 11:19
भारतीय तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाले एक बड़े घटनाक्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर देश के महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण के आरंभ की घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण घोषणा को सेमिनकॉन इंडिया सम्मेलन के मंच से साझा किया गया, जहां देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपति, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए थे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक चिप निर्माण और तकनीकी डिजाइनिंग का एक मजबूत और आत्मनिर्भर केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए इस कदम से देश में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और सेमीकंडक्टर हब के विकास को अभूतपूर्व गति मिलने की संभावना है। पहले चरण की सफलताओं और अनुभवों को आधार बनाते हुए, सरकार अब इस दूसरे चरण के माध्यम से सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत करने, घरेलू स्तर पर अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने तथा वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताओं को विकसित करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। वैश्विक स्तर पर चिप्स की लगातार बदलती मांग और भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत का यह रणनीतिक निर्णय देश के भविष्य के आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिशन के विस्तार से देश के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए स्वर्णिम द्वार खुलेंगे। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी, जहां हाल के वर्षों में तकनीकी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं, इस मिशन के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। लखनऊ और अन्य प्रमुख तकनीकी केंद्रों में इससे संबंधित सहायक उद्योगों के पनपने की भी पूरी संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत संबल मिलेगा।
भविष्य की रूपरेखा और वैश्विक सहयोग
सेमिनकॉन इंडिया के इस आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत केवल एक बाजार नहीं बल्कि एक सक्षम और विश्वसनीय वैश्विक साझीदार है जो दुनिया की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है। इस दूसरे चरण के तहत विदेशी निवेशकों और तकनीकी दिग्गजों को देश में अपनी इकाइयां स्थापित करने और स्थानीय प्रतिभाओं के साथ मिलकर नए अनुसंधान करने के लिए और अधिक अनुकूल माहौल प्रदान किया जाएगा। आने वाले महीनों में सरकार इस मिशन के तहत कई नई योजनाओं और प्रोत्साहन पैकेजों का अनावरण कर सकती है, जिससे इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी और अधिक बढ़ सकेगी।