यशोभूमि में दसवें संस्करण का भव्य शुभारंभ
देश का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण दूरसंचार तथा प्रौद्योगिकी महाकुंभ मंगलवार यानी 7 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के आधुनिक यशोभूमि परिसर में आरंभ हो चुका है। यह भव्य आयोजन लगातार चार दिनों तक चलेगा और इसका समापन 10 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है। मौजूदा वर्ष में इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का दसवां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जो तकनीक जगत के लिए बेहद खास है। इस शानदार आयोजन की रूपरेखा और प्रबंधन की जिम्मेदारी दूरसंचार विभाग तथा सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कंधों पर है। कार्यक्रम का मुख्य विषय तकनीक को बिना किसी सीमा के अत्यंत व्यापक स्तर तक प्रसारित करना तय किया गया है। इस महाकुंभ में भाग लेने वाले विशेषज्ञ और दिग्गज यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि आने वाले आगामी वर्षों में हमारी मोबाइल तकनीक और इंटरनेट की पूरी दुनिया किस नए मार्ग पर आगे बढ़ने वाली है। इस विशाल मंच पर देश-विदेश से आए तकनीकी विशेषज्ञ अपने विचार साझा कर रहे हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और छठी पीढ़ी के नेटवर्क पर चर्चा
इस बार के आयोजन में अगली पीढ़ी के संचार साधनों और विशेष रूप से छठी पीढ़ी की तकनीकी तैयारियों को अत्यधिक महत्व दिया गया है। मंच पर भारत की भविष्य की रणनीतियों, वैश्विक मानकों और आगामी संचार तकनीकों पर गंभीर विमर्श चल रहा है। इसके साथ ही ऐसे आधुनिक नेटवर्क पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से पूरी तरह खुद संचालित हो सकें और अपनी कार्यक्षमता को बदल सकें। भारत सरकार इस अनूठे मंच के माध्यम से अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास कर रही है। आयोजन के दौरान केवल मोबाइल या इंटरनेट तक की बात सीमित नहीं है बल्कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशंस, रोबोटिक्स और उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अनेक नवीन तकनीकों को भी यहाँ प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी प्रयोग और उससे जुड़े विभिन्न नियमों पर भी अपने विचार रखने के लिए कई विशेषज्ञ मौजूद हैं।
सैटेलाइट कनेक्टिविटी और डिजिटल सुरक्षा पर मंथन
पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बाहर रहने वाले दूरदराज के इलाकों में संपर्क स्थापित करने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर व्यापक चर्चा हो रही है। सीधे मोबाइल उपकरणों को उपग्रहों से जोड़ने वाली यह विशिष्ट तकनीक आने वाले दिनों में देश के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जैसे-जैसे हमारे देश में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियाँ भी तेजी से गंभीर होती जा रही हैं। इस सम्मेलन में डिजिटल सुरक्षा, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड तथा स्पैम कॉल रोकने जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर भी विमर्श किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नए स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, ताकि वे अपनी नवोन्मेषी तकनीकों को निवेशकों और बड़ी कंपनियों के सामने प्रस्तुत कर सकें। क्वांटम तकनीक, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, रोबोटिक्स और पूरी तरह स्वदेशी तकनीकी समाधानों को भी इस बड़े मंच पर विशेष स्थान प्राप्त हुआ है।