कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      AIIMS से डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक... NEET UG काउंसलिंग के बाद क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

तकनीकी प्रशिक्षण: झारखंड पुलिस के एक हजार से अधिक अधिकारियों ने ली वैज्ञानिक अनुसंधान की ट्रेनिंग

झारखंड पुलिस अपने महकमे के भीतर तकनीकी क्षमताओं को मजबूत कर रही है। इसके तहत केंद्रीय एजेंसियों की मदद से अधिकारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के गुर सिखाए जा रहे हैं।

A
Ankit Yadav
04 अक्ट 2026, 14:09
तकनीकी प्रशिक्षण: झारखंड पुलिस के एक हजार से अधिक अधिकारियों ने ली वैज्ञानिक अनुसंधान की ट्रेनिंग

एक हजार से अधिक कर्मियों को मिला नया तकनीकी प्रशिक्षण

झारखंड पुलिस विभाग अपने कार्यक्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इस पूरी पहल के तहत राज्यभर के पुलिस अधिकारियों को अपराध जांच के वैज्ञानिक तथा तकनीकी पहलुओं से लैस किया जा रहा है। अधिकारियों को दी जा रही इस विशेष शिक्षा का मुख्य उद्देश्य आपराधिक मामलों की तह तक पहुंचने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का सटीक इस्तेमाल करना है। इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने के लिए देश की केंद्रीय जांच एजेंसियों के अनुभवी और कुशल विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। इन केंद्रीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में राज्य के विभिन्न स्तरों के कर्मियों को लगातार प्रशिक्षित कराया जा रहा है ताकि वे आधुनिक अपराधों का पर्दाफाश आसानी से कर सकें। अब तक इस विशेष अभियान के अंतर्गत झारखंड पुलिस के एक हजार से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षित होने वाले इन कर्मियों में सहायक उप निरीक्षकों यानी एएसआई से लेकर दारोगा, इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर तक के जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं जिन्होंने इस पाठ्यक्रम को पूरा किया है।

आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय

राज्य के भीतर अनुसंधान की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर तथा प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने आगामी कार्ययोजना तैयार कर ली है। आगामी 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच पुलिस अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जाना तय किया गया है। इस आगामी सत्र का मुख्य फोकस मामलों की जांच को अत्यधिक प्रभावी और त्रुटिहीन बनाना है ताकि अपराधियों को अदालत में सजा दिलाई जा सके। इस संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रांची के होटवार स्थित प्रसिद्ध अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय परिसर के भीतर किया जाएगा। इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जा रहा है जिसमें अधिकारी ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से जुड़कर हिस्सा ले सकेंगे। यह पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया केवल एक बार की गतिविधि नहीं है बल्कि इसे विभाग द्वारा नियमित रूप से चलाया जा रहा है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार इस तरह के विशेष पाठ्यक्रम और कक्षाएं प्रत्येक माह लगातार आयोजित की जा रही हैं ताकि पुलिस बल का हर कर्मी समय के साथ तकनीकी रूप से पूरी तरह अपडेट और सक्षम बना रहे।

नए कानूनों और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जुड़ा पिछला अनुभव

इस प्रकार के तकनीकी और वैज्ञानिक प्रशिक्षण अभियानों से पहले भी झारखंड पुलिस ने अपने महकमे के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पूर्व में विभाग द्वारा अपने तमाम अधिकारियों को नए आपराधिक कानूनों के सूक्ष्म और सही प्रयोग के बारे में जानकारी दी गई थी। इन नए कानूनों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल रहे हैं जिनके तहत अधिकारियों को प्रशिक्षित कराया गया था। इसके अतिरिक्त कुछ ही दिन पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए के विशेषज्ञ अधिकारियों की मदद से एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया था। उस विशेष ऑनलाइन सत्र के दौरान झारखंड पुलिस के अधिकारियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम से जुड़े तकनीकी पहलुओं का गहन प्रशिक्षण दिलाया गया था। इन सभी लगातार और सुनियोजित प्रयासों का सीधा उद्देश्य राज्य की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार करना है ताकि देश और समाज की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी मजबूती मिल सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज