कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

तकनीकी शिक्षा में नया कदम: आईजीयू में शुरू हुआ जनरेटिव एआई रोजगार कौशल प्रशिक्षण

रेवाड़ी स्थित इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल शुरू की गई है। इसके तहत अब छात्रों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोजगार कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

A
Ankit Yadav
29 सित 2026, 17:26
तकनीकी शिक्षा में नया कदम: आईजीयू में शुरू हुआ जनरेटिव एआई रोजगार कौशल प्रशिक्षण

इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

रेवाड़ी जिले की प्रमुख शिक्षण संस्था इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की शुरुआत की गई है। इस नई पहल के अंतर्गत छात्रों के लिए जनरेटिव एआई पर आधारित रोजगार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। आज के समय में आधुनिक तकनीक और कंप्यूटर विज्ञान की शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का यह निर्णय लिया है। इस विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करना है ताकि वे आने वाले समय में रोजगार के बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बना सकें। आज के इस दौर में तकनीकी ज्ञान हर छात्र के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। यूनिवर्सिटी परिसर में इस कार्यक्रम की शुरुआत होने से विद्यार्थियों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रकार की पहल से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और तकनीकी कौशल हासिल करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि यह कदम छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और करियर निर्माण में बेहद मददगार साबित होगा।

जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोजगार के नए अवसर

जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय की एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है जो दुनिया भर के उद्योगों में तेजी से अपनी जगह बना रही है। इस तकनीक के माध्यम से कंप्यूटर सिस्टम और सॉफ्टवेयर नए कंटेंट, टेक्स्ट, इमेज और कोड का निर्माण करने में पूरी तरह सक्षम होते हैं। इस बदलते परिवेश में छात्रों को इस अत्याधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देना बेहद जरूरी हो गया है। रोजगार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए छात्र यह सीख सकेंगे कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल करके जटिल समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में नौकरी पाने के लिए केवल किताबी ज्ञान होना ही काफी नहीं माना जाता है। युवाओं के पास नए जमाने की तकनीकी दक्षता होना भी उतना ही जरूरी है जितना कि सामान्य शिक्षा। इस प्रशिक्षण सत्र का पाठ्यक्रम इसी बात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि छात्रों को इंडस्ट्री की वर्तमान मांगों के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। इस प्रकार की शिक्षा से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा जो उनके पेशेवर जीवन के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि और इसका महत्व

वर्तमान समय में तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जिस गति से बदलाव आ रहे हैं, उसे देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। पार्संपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ-साथ अब आधुनिक तकनीकी विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करना समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है। रोजगार के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के जानकारों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का यह दायित्व बन जाता है कि वे छात्रों को उद्योग जगत की इन आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालें। रेवाड़ी की इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया गया यह कदम इसी दिशा में एक सार्थक और दूरदर्शी प्रयास माना जा रहा है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल छात्रों की रोजगार पाने की क्षमता में वृद्धि होती है बल्कि देश के तकनीकी विकास को भी गति मिलती है। आने वाले दिनों में इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम देश के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक मिसाल बन सकते हैं। जब युवा वर्ग आधुनिक तकनीक में पूरी तरह कुशल हो जाएगा तो वे न केवल देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में सफल होंगे।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज