सिलिकॉन वैली के शीर्ष दिग्गजों संग हाई-प्रोफाइल बैठक
बैठक में अमेरिका की शीर्ष सॉफ्टवेयर, सेमीकंडक्टर और क्लाउड कंपनियों के प्रमुख उपस्थित रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु यह था कि क्या सरकारों को उन्नत एआई मॉडल्स के प्रशिक्षण और डेटा उपयोग पर सख्त नियम लागू करने चाहिए या कंपनियों को नवाचार की पूरी छूट मिलनी चाहिए। ट्रंप ने तर्क दिया कि अत्यधिक नौकरशाही और सरकारी नियंत्रण से देश इस तकनीकी होड़ में अन्य प्रतिद्वंद्वियों से पीछे छूट सकता है।
सुपर इंटेलिजेंस में वैश्विक नेतृत्व का दावा
संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि भविष्य की आर्थिक और सैन्य श्रेष्ठता इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन सा देश पहले वास्तविक सुपर इंटेलिजेंस हासिल करता है। उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उनकी नीतियां ऊर्जा बुनियादी ढांचे और चिप निर्माण संयंत्रों के लिए त्वरित मंजूरियां प्रदान करने पर केंद्रित रहेंगी ताकि एआई डेटा सेंटरों को निर्बाध बिजली और संसाधन मिल सकें।
विशेषज्ञों की सुरक्षा और एकाधिकार पर चिंताएं
दूसरी ओर वैश्विक एआई नीति विशेषज्ञों और नागरिक स्वतंत्रता समूहों ने स्व-नियमन के इस विचार की आलोचना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लाभ कमाने वाली निजी कंपनियों पर पूर्ण विश्वास नहीं किया जा सकता और बिना कानूनी जवाबदेही के समाज को डीपफेक, गोपनीयता उल्लंघन और नौकरी के संकट से बचाना असंभव होगा। इस बैठक ने तकनीकी दुनिया में नियमन बनाम स्वतंत्रता की बहस को और तेज कर दिया है।