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चमत्कारिक बचाव: नेपाल बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए सुरंग से दो मजदूर जिंदा बाहर आए

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दस दिन बीत जाने के बाद, त्रिशूली-3ए सुरंग के भीतर से दो मजदूरों के सकुशल बाहर निकलने की अद्भुत घटना सामने आई है, जिससे आपदा के इस दौर में उम्मीद की किरण जगी है।

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Ankit Yadav
04 सित 2026, 15:55
चमत्कारिक बचाव: नेपाल बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए सुरंग से दो मजदूर जिंदा बाहर आए
नेपाल में हाल ही में आई तबाही और प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान और अचंभित कर दिया है। लगातार बारिश और उफान पर आई नदियों के कारण चारों तरफ तबाही का मंजर था, लेकिन इसी बीच त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों के जिंदा बाहर निकलने की खबर ने लोगों में एक नई उम्मीद जगाई है। आपदा के दस दिन बाद सुरंग के अंदर से इन दोनों का सुरक्षित निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इतने लंबे समय तक बिना किसी बाहरी संसाधन के जीवित रहना बेहद कठिन परिस्थिति होती है।

त्रासदी के बीच उम्मीद की किरण

जब चारों तरफ मौत का सैलाब उमड़ रहा था और हर तरफ केवल बर्बादी की ही खबरें आ रही थीं, तब यह सुखद समाचार सामने आया। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। त्रिशूली-3ए परियोजना क्षेत्र में भी जलप्रलय का भयंकर प्रकोप देखने को मिला था, जिसके बाद से ही लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे थे। इस बीच, सुरंग के भीतर फंसे इन दो मजदूरों का मिल जाना आपदा प्रबंधन टीमों के लिए भी एक बड़ी राहत का विषय है।

सुरंग के भीतर का संघर्ष

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये मजदूर आपदा के समय सुरंग के एक ऐसे हिस्से में फंस गए थे जहां तक सीधे तौर पर पानी का बहाव या मलबा पूरी तरह नहीं पहुंच पाया था, जिससे उन्हें शरण लेने का मौका मिल गया। हालांकि, बिना भोजन और पानी के दस दिनों तक अंधेरे में संघर्ष करना उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा होगा। जैसे ही बचाव दलों को उनके भीतर होने की भनक लगी, उन्हें बाहर निकालने के लिए तुरंत अभियान तेज किया गया और आखिरकार उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

अस्पताल में उपचार और आगे की स्थिति

सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद दोनों मजदूरों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि वे अत्यधिक कमजोरी और सदमे की स्थिति में हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है। इस घटना के सामने आने के बाद उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों का कहना है कि वे इस आपदा से प्रभावित अन्य स्थानों पर भी तलाश अभियान को पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रखे हुए हैं ताकि अन्य लापता लोगों का भी जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
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