कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      श्रद्धा दुबे तो निकली बड़ी खिलाड़ी, Z गैंग से भी कनेक्शन, लखनऊ लेकर आई पुलिस, बचना हुआ मुश्किल      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में बांग्लादेश की जिस महिला को मौत की सज़ा मिली उसके घर वालों ने दी ये जानकारी      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
कृषि

गोरखपुर में कृषि संकट: बाढ़ के कारण सब्जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद

गोरखपुर जिले में आई विनाशकारी बाढ़ से सब्जियों की खेती को भारी नुकसान पहुँचा है। किसानों के सामने अब अपनी आजीविका चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

A
Ankit Yadav
30 सित 2026, 15:01
गोरखपुर में कृषि संकट: बाढ़ के कारण सब्जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद

गोरखपुर में बाढ़ का कहर और किसानों की बर्बादी

गोरखपुर जिले में वर्तमान में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है जिसके कारण खेती-बाड़ी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार जलभराव के चलते बड़े पैमाने पर सब्जी की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। 30 सितंबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस जलप्रलय ने स्थानीय किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लहलहाती सब्जियां अब सड़ने लगी हैं, जिससे उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ा है। स्थानीय स्तर पर सब्जी की कीमतों में अनिश्चितता देखी जा रही है। बाढ़ का पानी खेतों में घुस जाने के कारण मिट्टी की उर्वरता और पौधों की जड़ें भी प्रभावित हुई हैं। किसान अब अपने खेतों को दोबारा तैयार करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि जलस्तर कम होने के बावजूद नमी का स्तर अत्यधिक बना हुआ है। यह स्थिति क्षेत्र की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे कई किसान परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

आर्थिक संकट और फसल नुकसान का ब्यौरा

बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई यह स्थिति गोरखपुर के छोटे और मंझले किसानों के लिए आर्थिक तंगी का कारण बन गई है। सब्जी की फसलें आमतौर पर नकदी का मुख्य स्रोत मानी जाती हैं, लेकिन अब वे पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। इससे बाजार में सब्जियों की उपलब्धता में कमी आने की आशंका है, जो सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालेगी। फसल बर्बादी के कारण किसानों को निवेश की गई पूंजी वापस मिलने की कोई उम्मीद नहीं बची है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बाढ़ से मिट्टी का कटाव भी बढ़ता है, जिससे भविष्य में भी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। फिलहाल किसान प्रशासन से राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कृषि विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि नुकसान की सही मात्रा का पता लग सके और प्रभावितों को जरूरी सहायता समय पर मिल सके।

कृषि क्षेत्र पर बाढ़ का दीर्घकालिक प्रभाव

गोरखपुर में आई यह बाढ़ केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि यह स्थानीय कृषि और बाजार की अर्थव्यवस्था के लिए एक गहरा सबक है। जब भी प्राकृतिक आपदाएं फसलों को नष्ट करती हैं, तो यह ग्रामीण परिवारों के लिए ऋण के जाल का कारण बनती है। फसल बीमा और समय पर सरकारी सहायता ऐसे समय में किसानों के लिए एकमात्र सहारा होते हैं। इस आपदा के बाद अब यह देखना जरूरी होगा कि जिला प्रशासन किस प्रकार की राहत कार्य योजना तैयार करता है। सब्जी उत्पादक किसान अक्सर मानसून के बाद की फसलों पर निर्भर होते हैं, लेकिन जलभराव ने उस चक्र को पूरी तरह बाधित कर दिया है। कृषि आधारित बाजार में जब आपूर्ति कम होती है, तो खाद्य मुद्रास्फीति का सीधा असर आम आदमी के बजट पर पड़ता है। इस प्रकार की स्थितियों में फसलों का विविधीकरण और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम ही भविष्य में ऐसे नुकसान को कम करने का एकमात्र दीर्घकालिक उपाय हो सकते हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज