कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      श्रद्धा दुबे तो निकली बड़ी खिलाड़ी, Z गैंग से भी कनेक्शन, लखनऊ लेकर आई पुलिस, बचना हुआ मुश्किल      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में बांग्लादेश की जिस महिला को मौत की सज़ा मिली उसके घर वालों ने दी ये जानकारी      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
कृषि

खेती में नया बदलाव: आधुनिक तकनीक से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे किसान, बेहतर उत्पादन से हो रही अतिरिक्त कमाई

देशभर के किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी की आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है और किसानों को शानदार आर्थिक लाभ मिल रहा है।

A
Ankit Yadav
19 सित 2026, 14:44
खेती में नया बदलाव: आधुनिक तकनीक से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे किसान, बेहतर उत्पादन से हो रही अतिरिक्त कमाई

वर्तमान समय में भारतीय कृषि क्षेत्र में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जहाँ किसान पारंपरिक फसलों की सीमाओं से बाहर निकलकर व्यावसायिक रूप से अधिक लाभकारी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में ड्रैगन फ्रूट की खेती ने कृषि जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आधुनिक खेती की उन्नत तकनीकों, जैसे ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग और वैज्ञानिक ढंग से तैयार किए गए पौधों के उपयोग ने इस विदेशी फल के उत्पादन को भारतीय जलवायु में बेहद सफल बना दिया है। किसान अब कम भूमि और सीमित संसाधनों का उपयोग करके भी बंपर पैदावार हासिल करने में कामयाब हो रहे हैं। इस फसल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बंजर या कम उपजाऊ भूमि पर भी आसानी से उग सकती है और इसमें पानी की बहुत अधिक आवश्यकता नहीं होती है, जिससे सूखे या जल संकट वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही मार्गदर्शन और आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने से किसानों की लागत में कमी आती है और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिसका सीधा फायदा बाजार में मिलने वाले अच्छे दामों के रूप में सामने आता है।

इस बढ़ती सफलता के पीछे कृषि विज्ञान केंद्रों, सरकारी योजनाओं और किसानों के बीच बढ़ती जागरूकता का महत्वपूर्ण योगदान है जो लगातार नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रहे हैं। पहले किसानों के पास नई फसलों को आजमाने के लिए पर्याप्त संसाधन या तकनीकी ज्ञान का अभाव हुआ करता था, परंतु पिछले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र में हुए तकनीकी विस्तार ने इस खाई को पाटने का काम किया है। ड्रैगन फ्रूट, जिसे कम पानी और न्यूनतम देखरेख की आवश्यकता होती है, ने किसानों को जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित मानसून के जोखिमों से उबरने का एक नया विकल्प प्रदान किया है। इसके अलावा, शहरी बाजारों में इस फल की बढ़ती मांग और इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ने के कारण इसकी वैल्यू काफी ऊंची बनी हुई है। बाजार में इसके अच्छे दाम मिलने से किसानों का रुझान इस दिशा में तेजी से बढ़ा है और ग्रामीण इलाकों में कृषि आधारित आजीविका के नए द्वार खुले हैं। विभिन्न राज्यों के प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए अन्य किसानों को भी इस फल की खेती के लिए प्रेरित किया है, जिससे यह तकनीक अब तेजी से देश के अन्य हिस्सों में भी फैल रही है।

आने वाले समय में ड्रैगन फ्रूट की खेती भारतीय बागवानी क्षेत्र की तस्वीर बदलने में सक्षम दिख रही है और यह कृषि आधारित आर्थिकी को मजबूत करने का एक प्रमुख माध्यम बन सकती है। जैसे-जैसे कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विस्तार हो रहा है, किसानों के लिए घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात की संभावनाएं भी खुल रही हैं। यदि सरकार और संबंधित विभाग इस दिशा में शीत भंडारण सुविधाओं, पैकेजिंग और परिवहन बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करते हैं, तो किसानों को उनकी उपज का और अधिक बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा इस फसल की नई और अधिक रोग-प्रतिरोधी किस्मों पर किए जा रहे अनुसंधान से भविष्य में उत्पादन के आंकड़े और अधिक ऊंचे जाने की उम्मीद है। यह पूरी प्रक्रिया न केवल किसानों की आय को दोगुना करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रही है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए भी कृषि को एक आकर्षक और लाभदायक व्यवसाय के रूप में स्थापित कर रही है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज