राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में उत्पादन लक्ष्यों की रूपरेखा
राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में रबी फसलों की बुवाई के विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की गई। केंद्रीय कृषि सचिव ने बताया कि गेहूं, चना, सरसों और दलहन फसलों के रकबे और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए विशेष जोर दिया जाएगा। राज्यों से कहा गया है कि वे किसानों तक प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि प्रति हेक्टेयर पैदावार में सुधार हो सके।
उर्वरक आपूर्ति और डीएपी आवंटन की रणनीति
रबी सत्र की शुरुआत से पहले विभिन्न राज्यों द्वारा डीएपी और यूरिया की मांग को देखते हुए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने रसद आपूर्ति तेज कर दी है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर रैक आवंटित किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है।
जलवायु प्रतिरोधी बीजों के उपयोग पर बल
तापमान में असमय उतार-चढ़ाव और संभावित सूखे के प्रभावों से निपटने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित गर्मी-सहनशील गेहूं किस्मों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को ड्रिप इरिगेशन और सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग के लिए जागरूक करने के वास्ते विशेष कृषि शिविर आयोजित किए जाएंगे।