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कृषि उन्नति: बस्तर के कांकेर क्षेत्र में जैविक खेती के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर संपन्न

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कृषि विभाग द्वारा आज स्थानीय किसानों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से बचाते हुए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:25
कृषि उन्नति: बस्तर के कांकेर क्षेत्र में जैविक खेती के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर संपन्न
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले कांकेर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आज किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हुआ। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न गांवों से आए लगभग दो सौ से अधिक प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पारंपरिक और जैविक खेती के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और रासायनिक खादों तथा कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने गोमूत्र, गोबर और स्थानीय वनस्पतियों के उपयोग से कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले जैविक खाद और कीटनाशक तैयार करने की प्रायोगिक विधि सिखाई। किसानों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को जैविक खेती के लिए आवश्यक किट और मार्गदर्शिका पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं, जिससे वे अपने खेतों में तुरंत इसका प्रयोग शुरू कर सकें।

किसानों की आय बढ़ाने की नई राह

इस शिविर में भाग लेने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह के व्यावहारिक ज्ञान से उन्हें अपनी खेती की लागत को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सरकार की मंशा है कि बस्तर क्षेत्र को पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक कृषि हब के रूप में विकसित किया जाए, जिससे यहाँ के आदिवासी और स्थानीय किसानों की आय दोगुनी हो सके। इस दिशा में प्रशासन द्वारा आने वाले महीनों में हर पंचायत स्तर पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
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