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कृषि विज्ञान की अद्भुत उपलब्धि: पंजाब के वैज्ञानिकों ने विकसित की सूखा-रोधी गेहूं की नई संकर किस्म

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कम पानी की खपत और अत्यधिक तापमान को सहन करने वाली गेहूं की एक उन्नत संकर किस्म तैयार की है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:54
कृषि विज्ञान की अद्भुत उपलब्धि: पंजाब के वैज्ञानिकों ने विकसित की सूखा-रोधी गेहूं की नई संकर किस्म
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के पादप आनुवंशिकी वैज्ञानिकों ने लंबी रिसर्च के बाद गेहूं की एक ऐसी नई किस्म विकसित की है जो गंभीर सूखे और बदलते मौसम के मिजाज में भी बंपर पैदावार देने की क्षमता रखती है। इस नई किस्म का नाम 'उन्नति-412' रखा गया है, जिसके बीजों का परीक्षण राज्य के विभिन्न जिलों के खेतों में सफलतापूर्वक किया गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों की यह खोज किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।

कम पानी में बंपर पैदावार

पारंपरिक गेहूं की किस्मों की तुलना में 'उन्नति-412' को पकने के लिए लगभग पैंतालीस प्रतिशत कम पानी की आवश्यकता होती है। इसके पौधे की जड़ें मिट्टी की गहराई से नमी खींचने में सक्षम हैं, जिससे फसल को सूखे के दौरान भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता। मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर हरप्रीत सिंह संधू ने बताया कि इस किस्म में प्राकृतिक रूप से कीटों और फंगस से लड़ने की अद्भुत प्रतिरोधक क्षमता भी पाई गई है, जिससे किसानों को कीटनाशकों पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।

किसानों के लिए वितरण और प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने आगामी रबी सीजन से पहले इस नई गेहूं के प्रमाणित बीजों को रियायती दरों पर किसानों तक पहुंचाने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि किसानों को इस किस्म की वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीके सिखाने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही, जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ावा देने वाले किसानों को विशेष प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई है, ताकि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को अधिक टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
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