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कृषि क्रांति: हिसार संस्थान ने सिरोही में किसानों को दिए आधुनिक कृषि यंत्र और तकनीक के गुर
हिसार के एक प्रमुख संस्थान द्वारा राजस्थान के सिरोही जिले में किसानों के लिए एक विशेष कृषि यंत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के अन्नदाताओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय को कई गुना बढ़ाना है।
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Ankit Yadav
27 अग 2026, 18:34
भारतीय कृषि क्षेत्र में लगातार आ रहे बदलावों और वैज्ञानिक आविष्कारों को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, हिसार के एक प्रतिष्ठित संस्थान ने हाल ही में राजस्थान के सिरोही जिले में किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से अवगत कराना था। विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक कृषि पद्धतियों से आगे बढ़कर जब किसान मैकेनाइजेशन और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाते हैं, तो उनकी उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है और साथ ही फसल की पैदावार में भी काफी बढ़ोतरी होती है।
आधुनिक तकनीक से बदलेगी तकदीर
वर्तमान समय में खेती केवल मौसम पर निर्भर रहने का कार्य नहीं रह गई है, बल्कि यह तकनीक और प्रबंधन का एक उन्नत रूप ले चुकी है। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान संस्थान के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सिरोही जिले के दूर-दराज के इलाकों से आए किसानों को अत्याधुनिक कृषि उपकरणों के संचालन, रख-रखाव और उनके सही उपयोग के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि कैसे बुवाई रोपाई से लेकर कटाई और मड़ाई तक के विभिन्न चरणों में आधुनिक मशीनों का प्रयोग करके समय और श्रम दोनों की बचत की जा सकती है। इसके अलावा, ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के महत्व पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया, जिससे जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में भी फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके और भूजल का अनावश्यक दोहन रोका जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और किसानों के बीच एक खुली चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों को खुलकर साझा किया। वैज्ञानिकों ने उनकी हर समस्या का संतोषजनक समाधान सुझाया और यह भी बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं अनुदान कार्यक्रमों का लाभ उठाकर वे किस प्रकार कम लागत में इन महंगे कृषि यंत्रों को खरीद सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों और संस्थानों की ऐसी पहल से न केवल जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलती है, बल्कि किसानों का मनोबल भी बढ़ता है, जिससे वे खेती को एक अधिक लाभदायक और व्यावसायिक उद्यम के रूप में देखने लगते हैं।
आय बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
किसानों की आमदनी दोगुनी करने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने की दिशा में ऐसे कार्यशालाएं और प्रशिक्षण शिविर मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। सिरोही में आयोजित इस शिविर के माध्यम से संस्थान ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों तक प्रयोगशाला से निकलकर तकनीक सीधे खेतों तक नहीं पहुंचेगी, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार आना मुश्किल है। कृषि यंत्रों के प्रयोग से उत्पादन की गुणवत्ता सुधरती है, जिससे किसानों को बाजार में उनकी फसल का बेहतर और उचित मूल्य मिल पाता है। इस पूरी पहल से यह उम्मीद बंधती है कि आने वाले समय में सिरोही क्षेत्र के किसान आधुनिक कृषि के जरिए अपनी आजीविका को और अधिक सुदृढ़ और समृद्ध बना सकेंगे।