शेयर बाजार में भारी गिरावट और बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक तेज बिकवाली का माहौल बन गया जिसके कारण प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 876 अंक और निफ्टी 257 अंक की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में आई इस अचानक कमजोरी से निवेशकों के पोर्टफोलियो पर बड़ा असर पड़ा है। इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर निवेशकों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश और सही योजनाओं का चुनाव करने से ऐसे समय में नुकसान से बचा जा सकता है। निवेशकों को अपने पैसों को सुरक्षित रखने के लिए बाजार की चाल पर लगातार नजर रखनी चाहिए ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें और किसी भी बड़े वित्तीय संकट से बचा जा सके।
म्युचुअल फंड और निवेश योजनाओं का रुझान
म्युचुअल फंड से लेकर पेंशन योजनाओं तक में लंबी अवधि के निवेश के लिए सही विकल्प चुनना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। लंबी अवधि की एसआईपी में डायरेक्ट प्लान का दबदबा काफी बढ़ गया है और पिछले पांच साल में इसकी हिस्सेदारी दोगुने से ज्यादा हो चुकी है। फ्लेक्सीकैप फंड में निवेश भी 32 फीसदी तक बढ़ गया है और पिछले 3 साल में टॉप 3 फंड ने 14 फीसदी तक का रिटर्न दिया है जिससे निवेशकों का रुझान इनकी तरफ तेजी से बढ़ा है। एक ही फंड में एक जैसी एसआईपी करने के बाद भी डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में अलग-अलग पैसे बनने की वजह इन योजनाओं का शुल्क ढांचा होता है। जियो आईपीओ में पैसा लगाया जाए या नहीं, इस पर एमके और नोमूरा की राय से निवेशक यह समझ सकते हैं कि इस निवेश में कितना दम है। डर्मेटोलॉजी सेक्टर में भारत का फार्मा हेयरकेयर बाजार दोगुनी रफ्तार से बढ़ा है और इसकी बिक्री 1,287 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गई है।
आर्थिक चुनौतियां और पारिवारिक संपत्तियों के विवाद
देश और दुनिया के स्तर पर कई ऐसी आर्थिक और व्यावसायिक घटनाएं चल रही हैं जो आम जीवन और बाजार को प्रभावित कर रही हैं। इंडोनेशिया में अल नीनो की चपेट में आने से पाम ऑयल की सप्लाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है जिसका सीधा असर यह होगा कि भारत में खाने का तेल महंगा हो सकता है। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति से वित्तीय दबाव काफी बढ़ गया है जिसके चलते सरकारी खर्चों में 20 फीसदी की कटौती करनी पड़ेगी और कई बड़े प्रोजेक्ट्स के अटकने का भी डर सता रहा है। मार्को रूबियो और एस। जयशंकर के बीच हुई महत्वपूर्ण मुलाकात में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार समझौतों पर बहुत अहम चर्चा की गई है। इसके अलावा टीवीएस परिवार में संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया है जिसमें पिता और बेटा एक तरफ हैं जबकि मां और बेटी दूसरी तरफ खड़े नजर आ रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद घर का खर्च चलाने के लिए कितनी रकम निकालनी चाहिए और उसे कहां निवेश करना चाहिए, इस बारे में भी सही योजना बनाना जरूरी है।