सेंसेक्स में जोरदार तेजी और प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
कारोबार के दौरान प्रमुख भारतीय शेयर सूचकांकों ने मजबूत बढ़त दिखाई और सेंसेक्स में 550 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही, निफ्टी भी 23,000 के स्तर से ऊपर निकल गया। सूचकांक के अलग-अलग शेयरों की बात करें तो इन्फोसिस के शेयरों में 2.47 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह सबसे आगे रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर मूल्य में भी 2.08 प्रतिशत की तेजी आई। अल्ट्राटेक सीमेंट के भाव 1.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस के शेयरों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा और इसमें 2.32 प्रतिशत की गिरावट आई। बजाज फिनसर्व के शेयर भी 0.49 प्रतिशत नीचे आए। क्षेत्रीय सूचकांकों में ज्यादातर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। निफ्टी आईटी सूचकांक में 2.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 0.70 प्रतिशत ऊपर रहे। इसके उलट, निफ्टी मीडिया एकमात्र ऐसा प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा जो लाल निशान में बंद हुआ और इसमें 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई। इक्विटी वायदा में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
वैश्विक संकेत और जियो आईपीओ का बाजार पर प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल 110.34 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था और इसमें 1.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इक्विटी वायदा बाजारों में डाऊ जोंस वायदा 0.05 प्रतिशत ऊपर रहा। एसएंडपी 500 वायदा में 0.28 प्रतिशत की बढ़त रिकॉर्ड की गई। हालांकि, नैस्डैक वायदा 0.02 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। घरेलू बाजार में निवेशकों का ध्यान बहुप्रतीक्षित जियो आईपीओ पर भी केंद्रित है, जो खुदरा निवेशकों के लिए सदस्यता के वास्ते खुल रहा है। बाजार के तमाम प्रतिभागी इस नई पेशकश के साथ-साथ दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट आय के आंकड़ों पर भी पैनी नजर रख रहे हैं। जानकारों के अनुसार, इस समय भारतीय बाजार में तेजी आने के पीछे मुख्य वजह भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें हैं। इसके अलावा, मजबूत घरेलू तरलता की स्थिति बाजार को किसी भी गिरावट के दौरान एक जरूरी सुरक्षा कवच और समर्थन प्रदान करती रहेगी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इन सभी वैश्विक और घरेलू कारकों के मेल से कारोबार की दिशा तय हो रही है।
विशेषज्ञों की राय और आगे के लिए महत्वपूर्ण स्तर
बजार के जानकारों का कहना है कि वर्तमान कारोबारी माहौल में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड से जुड़े रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने जानकारी दी कि कंपनियों के आय में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि लार्ज-कैप शेयरों का मूल्यांकन भी इस समय उचित स्तर पर है, जो बाजार को आवश्यक संबल दे रहा है। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल अभी भी बाजार की राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं। आने वाले समय में बाजार में तेजी पर बिकवाली करने का रुझान हावी रह सकता है। बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सना ने तकनीकी स्तरों पर रोशनी डालते हुए बताया कि निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 के बीच का दायरा एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र है। दूसरी ओर, 22,800 से 22,700 का क्षेत्र महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के रूप में काम कर रहा है। बाहरी स्तरों पर मौजूद अनिश्चितताओं के बीच अब यह शेयर चुनने वाले निवेशकों का बाजार बन चुका है। आगे की चाल पूरी तरह से स्टॉक-विशिष्ट और दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को तेल की कीमतों और व्यापार समझौते से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।