कारोबार की शुरुआत में बंपर तेजी
सप्ताह के तीसरे दिन यानी बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त रौनक छाई रही। कारोबार के शुरुआती पलों में ही बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 665 अंकों की जोरदार छलांग लगाने में कामयाब रहा। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी 187 अंकों से अधिक की बढ़त हासिल करने में सफल रहा। इस शानदार कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 74,682.19 के ऊपरी स्तर और 74,149.89 के निचले स्तर के दायरे में कारोबार किया। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी ने 23,120.90 के उच्च स्तर तथा 22,976.15 के न्यूनतम स्तर के बीच अपनी चाल दर्ज की। बाजार के इन मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और शुरुआती सत्र में ही माहौल बेहद सकारात्मक नजर आया। कारोबारियों और विश्लेषकों के लिए यह दिन एक राहत भरी खबर लेकर आया क्योंकि पिछले कुछ सत्रों से बाजार में सुस्ती का माहौल चल रहा था और इस नई तेजी ने तमाम चिंताओं को फिलहाल पीछे छोड़ दिया है। इस दौरान शेयरों की कीमतें तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती हुई दिखाई दीं जिससे पूरे देश के निवेशकों में उत्साह का संचार हुआ और विभिन्न सेक्टरों के इंडेक्स भी हरे निशान के साथ कारोबार करते हुए देखे गए।
आईटी शेयरों की चमक और अन्य सेक्टरों का हाल
इस कारोबारी सत्र के दौरान बाजार को सबसे बड़ा सहारा सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के शेयरों से मिला। पिछले कुछ दिनों से लगातार दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में बुधवार को निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। नतीजतन, निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.49 प्रतिशत की छलांग लगाकर 32,301.10 के स्तर पर जा पहुंचा। इसके अलावा निफ्टी मिडस्माॅल आईटी एंड टेलीकॉम इंडेक्स में भी 1.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। केवल आईटी ही नहीं बल्कि बैंकिंग, रियल्टी और ऊर्जा क्षेत्रों में भी निवेशकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सूचकांक यानी निफ्टी पीएसयू बैंक 0.83 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि निफ्टी रियल्टी में 0.70 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.77 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसी कड़ी में निफ्टी बैंक 0.36 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.41 प्रतिशत ऊपर की ओर कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हर जगह तेजी का यह आलम नहीं था क्योंकि एफएमसीजी और फार्मा जैसे कुछ क्षेत्रों में बढ़त काफी सीमित दायरे में सिमटी रही। निफ्टी ऑटो इंडेक्स लगभग सपाट अवस्था में बना रहा, जबकि निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करता हुआ पाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सूचकांकों में उछाल के बावजूद विभिन्न सेक्टरों की चाल में काफी भिन्नता बनी हुई थी और हर सेक्टर एक जैसी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
मिश्रित वैश्विक संकेत और अन्य आर्थिक पहलू
मुख्य सूचकांकों में आई इस तेजी के बीच बाजार के लिए तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक भी रहा। बड़े शेयरों में मजबूती के विपरीत मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी के शेयरों में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। सुबह के सत्र में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 0.33 प्रतिशत, निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.64 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 करीब 0.81 प्रतिशत नीचे लुढ़क गए। इसके अलावा निफ्टी माइक्रोकैप 250 में सबसे अधिक 1.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझान सामने आए। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.92 प्रतिशत, ताइवान का बाजार 1.28 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इसके विपरीत हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। घरेलू मोर्चे पर गिफ्ट निफ्टी ने भी सुबह करीब 0.74 प्रतिशत की बढ़त दिखाते हुए सकारात्मक संकेत दिए। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों की चिंता को थोड़ा बढ़ा दिया है। सुबह 9:45 बजे ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 110.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 1.34 प्रतिशत अधिक था। इस सबके बीच विदेशी विनिमय बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.82 और 94.57 के दायरे में मजबूती के साथ कारोबार करता हुआ घरेलू बाजार को कुछ हद तक सहारा प्रदान कर रहा था।