मिजोरम में वित्तीय अनुशासन और सरकारी विकास परियोजनाओं के निष्पादन में गति लाने के उद्देश्य से राज्य प्रशासन द्वारा एक बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया गया है। राज्य वित्त विभाग ने आठ राष्ट्रीयकृत और निजी वाणिज्यिक बैंकों के साथ एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नए तंत्र के तहत राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, विकास एजेंसियों और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को दिए जाने वाले बजटीय आवंटन की ऑनलाइन और रीयल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल हो जाने से सरकारी धन के लेन-देन में होने वाली देरी समाप्त होगी और विकास कार्यों के लिए आबंटित बजट का त्वरित उपयोग संभव हो सकेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा ध्यान
नई बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से सरकारी धन के दुरुपयोग, खातों में बिना उपयोग पड़े रहने और अनावश्यक वित्तीय देरी जैसी पुरानी समस्याओं पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। इस नए समझौते के अनुसार, संबंधित बैंक अब राज्य सरकार को एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल के माध्यम से दैनिक लेनदेन और उस पर अर्जित होने वाली ब्याज आय की स्पष्ट तथा विस्तृत रिपोर्ट नियमित रूप से प्रदान करेंगे। यह प्रणाली वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य के खजाने को वित्तीय घाटे से उबारने और उपलब्ध सार्वजनिक संसाधनों का शत-प्रतिशत सही उपयोग सुनिश्चित करने में बेहद मदद मिलेगी।
विकास परियोजनाओं और भुगतानों को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह सुधारात्मक पहल राज्य के समग्र वित्तीय प्रबंधन में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इस व्यवस्था के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के खातों में सीधे, बिना किसी बाधा और पारदर्शी तरीके से राशि हस्तांतरित की जा सकेगी। वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग की यह नई नीति मिजोरम को एक आधुनिक, प्रगतिशील और पूरी तरह से जवाबदेह राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत स्तंभ साबित होगी।