चौथना गांव में घर के अंदर खूनी हमला
छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजनांदगांव जिले के भीतर डोंगरगढ़ थाना इलाके के चौथना गांव में एक दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। यहां रहने वाले कमला सोनकर के परिवार पर शुक्रवार की रात को घातक हथियारों से हमला किया गया। चौथना गांव के इस परिवार के लोग सब्जी बेचने का काम करके अपना जीवनयापन करते थे। हमलावरों ने घर के भीतर घुसकर सबसे पहले कमला सोनकर को अपना निशाना बनाया और उन पर धारदार हथियार से प्रहार किए। इसके तुरंत बाद उनके इक्कीस वर्षीय बेटे खुमेन्द्र सोनकर को भी मौत के घाट उतारने की नीयत से प्रहार किया गया। इस हिंसक हमले में मां और बेटे दोनों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जब यह खूनी घटना घटित हुई, तब कमला सोनकर के पति सुखी सोनकर अपने घर पर मौजूद नहीं थे। वे जब किसी काम से वापस अपने घर लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी और पुत्र को मृत अवस्था में पाया। इसके अलावा उनकी पुत्री ममता सोनकर भी घर के अंदर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी हुई मिली। इस भयानक दृश्य को देखकर सुखी सोनकर के पैरों तले जमीन खिसक गई और घटना की जानकारी मिलते ही गांव तथा परिजनों में भारी हड़कंप मच गया।
अस्पताल में भर्ती बेटी और पुलिस की शुरुआती जांच
घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गंभीर रूप से घायल ममता सोनकर को उठाकर डोंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। वहां के चिकित्सकों ने युवती की नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे रायपुर के एक बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। जांच दल ने परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों से विस्तृत पूछताछ शुरू की ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस पूरी घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने अपने अपराध के निशान मिटाने के लिए कई प्रयास किए थे। उन्होंने वारदात के समय अपने शरीर पर पहने हुए कपड़ों को और हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार के लकड़ी के बेंट को जलाकर पूरी तरह नष्ट करने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने अपनी सूझबूझ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की निशानदेही पर घटना में उपयोग की गई लोहे की कुल्हाड़ी और एक बाइक को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है।
अंधविश्वास और पारिवारिक रंजिश के चलते गिरफ्तारी
पुलिस की गहन जांच और पूछताछ के दौरान इस निर्मम हत्याकांड के पीछे का असली कारण सामने आ गया। आरोपियों के मन में यह पक्का संदेह बैठा हुआ था कि कमला सोनकर काला जादू करती हैं और उनके इसी जादू-टोने के कारण परिवार के अन्य लोग लगातार बीमार पड़ रहे थे। इसी अंधविश्वास और पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते उन्होंने इस जानलेवा वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। पुलिस ने संदेह के घेरे में आए छत्तीस वर्षीय हेमंत कुमार सोनकर की तलाश शुरू की और बारह अक्टूबर को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस अभियुक्त से मिली जानकारियों और घटनास्थल से एकत्रित किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस के हाथ दो अन्य आरोपियों तक पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने चौंतीस वर्षीय सोनू सोनकर और पचपन वर्षीय केशर सोनकर की संलिप्तता का पता लगाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेमंत कुमार सोनकर, सोनू सोनकर और केशर सोनकर यानी एक ही परिवार के इन तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले में कानून के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई तेजी से कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके।