कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम

अपहरण कांड का पर्दाफाश: रायपुर के कारोबारी को 12 घंटे में उत्तर प्रदेश से बचाया, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजधानी रायपुर से एक कारोबारी के अपहरण के मामले में पुलिस ने बारह घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से तीन आरोपियों को दबोचकर पीड़ित कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया गया है।

A
Ankit Yadav
04 अक्ट 2026, 17:17
अपहरण कांड का पर्दाफाश: रायपुर के कारोबारी को 12 घंटे में उत्तर प्रदेश से बचाया, तीन आरोपी गिरफ्तार

खमतराई थाना क्षेत्र से हुआ था अपहरण

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खमतराई थाना इलाके में अपहरण की गंभीर घटना सामने आई थी। दो अक्टूबर की रात को लगभग नौ बजे अनिता राय ने थाने पहुंचकर अपने पति प्रतीक राय के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके पति घर नहीं लौटे हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। इस सूचना के मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई और फौरन मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया ताकि लापता व्यक्ति का सुराग लगाया जा सके। घटना स्थल के आसपास लगे सभी सुरक्षा कैमरों की फुटेज को खंगाला जाने लगा। सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच से यह साफ हुआ कि उसी दिन दोपहर के वक्त लगभग दो बजकर अट्ठाईस मिनट पर कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतीक राय को जबरन एक वाहन में बैठा लिया था। काले रंग की उत्तर प्रदेश नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी में तीन लोग सवार थे जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तुरंत वाहन की पहचान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी निगरानी और सर्विलांस का सहारा लेना शुरू कर दिया। सड़क मार्गों पर लगे टोल प्लाजा की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर अपराधियों के भागने के रास्ते का पता लगाया गया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि पैसों के लेनदेन और वाहन के विवाद को लेकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित किया और पड़ोसी राज्य की पुलिस से तुरंत संपर्क साध लिया ताकि वाहन को रास्ते में ही रोका जा सके।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में धरे गए आरोपी

अपहरणकर्ताओं की गाड़ी का सुराग मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की पुलिस से लगातार संपर्क बनाए रखा। तकनीकी सर्विलांस के जरिए वाहन की लोकेशन लगातार बदलती हुई नजर आ रही थी और इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ साझा की जा रही थी। चौपन और रॉबर्ट्सगंज समेत रास्ते में पड़ने वाले तमाम थानों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया था। इन इलाकों में कड़ी नाकाबंदी करके वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई थी। वाहन की लोकेशन में होने वाले हर छोटे बदलाव की सूचना मैदानी पुलिस टीमों को लगातार दी जा रही थी। इसी बीच मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाने की पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी को रोक लिया। पुलिस बल ने वाहन को घेरकर उसमें सवार तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया और सुरक्षित रूप से प्रतीक राय को मुक्त करा लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अभय सिंह निवासी बाराबंकी, बृहस्पत देव सिंह निवासी सीहोर उत्तर प्रदेश और आदर्श सिंह निवासी प्रतापपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ और मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि आपसी पैसों के लेनदेन और वाहन के विवाद को लेकर इस वारदात को रचा गया था। हालांकि अभी इस पूरे घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच की जानी बाकी है और आरोपियों से पूछताछ के जरिए और भी खुलासे होने की उम्मीद है। रायपुर से पुलिस की एक विशेष टीम उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है जो इन सभी आरोपियों को विधिवत कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लेकर आएगी।

तकनीकी सर्विलांस और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय

इस पूरे मामले में रायपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय की भूमिका बेहद अहम साबित हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीक का इस्तेमाल न किया जाता और दूसरे राज्य की पुलिस से संपर्क न साधा जाता तो इतनी तेजी से आरोपियों तक पहुंचना नामुमकिन था। आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों की मदद से अपराधियों के भागने के रूट को ट्रैक किया गया। टोल प्लाजा के डेटा और वाहन की लोकेशन ने पुलिस को सही दिशा में आगे बढ़ने में बहुत मदद की। इस तरह की घटनाओं में पुलिस की सक्रियता अपराधियों के हौसले पस्त कर देती है और कानून का शिकंजा कस जाता है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और रायपुर लाए जाने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस महकमे की कार्यशैली की सराहना की जा रही है क्योंकि बारह घंटे के भीतर ही पीड़ित को सुरक्षित बचा लिया गया। मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया रायपुर लौटने के बाद पूरी की जाएगी जहां आरोपियों से गहराई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि इस साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज