बड़ा अस्ती में अवैध गोवंश बरामदगी
गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ा अस्ती गांव के पास पुलिस बल ने पशुओं की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। आज 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस को ओडिशा से झारखंड की सीमा में अवैध रूप से मवेशियों को ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने अपना जाल बिछाया और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू की। पुलिस की इस मुस्तैद टीम ने आठ गोवंश को सुरक्षित बरामद करने में सफलता हासिल की है। जिस समय पुलिस के जवान वहां पहुंचे, तस्कर मौके से भागने में सफल हो गए। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है ताकि किसी भी तरह की गैरकानूनी हरकत को रोका जा सके। बरामद किए गए इन पशुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह तत्पर है और स्थानीय ग्रामीण इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं। इस कार्रवाई से इलाके में पशु तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
थाना प्रभारी कुमार सुमित यादव ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ओडिशा से अवैध तरीके से मवेशियों को झारखंड लाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस बल को अचानक अपनी ओर आता देख आरोपी मवेशियों को वहीं छोड़कर जंगल और अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से नौ दो ग्यारह हो गए। पुलिस टीम ने घटनास्थल की गहनता से तलाशी ली लेकिन तस्करों का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध पशु तस्करी से जुड़े विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इन आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए जांच प्रक्रिया को गति प्रदान की गई है। बरामद किए गए आठों पशुओं को स्थानीय ग्रामीणों की देखरेख और जिम्मेदारी में दे दिया गया है ताकि उन्हें उचित भोजन और सुरक्षा मिल सके। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
तस्करी के मार्ग और भविष्य की रणनीति
ओडिशा की सीमा से झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर होने वाली पशु तस्करी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के रास्ते तस्कर अक्सर इन मवेशियों को ले जाने का प्रयास करते रहते हैं, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार सघन गश्त कर रही है। आज की बरामदगी पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम है, जिससे एक बड़े तस्करी प्रयास पर रोक लगी है। अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि तस्करों का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और वे इन मवेशियों को किस गंतव्य तक पहुंचाने की फिराक में थे। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस मुखबिरों का जाल फैला रही है और संदिग्ध वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसी संदिग्ध हलचल देखते ही तुरंत थाने को सूचित करें। इस तरह की सख्त कार्रवाई से तस्करी के संगठित गिरोहों के हौसले पस्त होने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में और भी ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं।