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बड़ा भंडाफोड़: कैंसर की नकली दवाओं के इंटरस्टेट सिंडिकेट का खुलासा, 9 करोड़ का सामान बरामद और 17 गिरफ्तार

देशभर में स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए लगभग नौ करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं जब्त की हैं और इस संगीन मामले में कुल सत्रह लोगों को दबोचा है।

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Ankit Yadav
21 अग 2026, 18:09
बड़ा भंडाफोड़: कैंसर की नकली दवाओं के इंटरस्टेट सिंडिकेट का खुलासा, 9 करोड़ का सामान बरामद और 17 गिरफ्तार
देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक बेहद खतरनाक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के नाम पर नकली और घटिया दवाएं बाजार में खपा रहा था। इस सुनियोजित अभियान के तहत पुलिस और अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध मेडिकल सामग्री बरामद की है जिसकी कुल कीमत करीब नौ करोड़ रुपये आंकी गई है।

व्यापक स्तर पर चल रहा था अवैध कारोबार

इस सिंडिकेट का जाल कई राज्यों में फैला हुआ था और आरोपी अत्यंत शातिर तरीके से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये लोग गरीब और बेबस मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें नकली फॉर्मूले वाली दवाइयां थमा देते थे, जिससे न केवल मरीजों की जान पर बड़ा खतरा बन आता था बल्कि उनके परिवारों को आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इस पूरे नेटवर्क की पहचान की और एक के बाद एक कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री, नकली होलोग्राम, प्रिस्क्रिप्शन पर्चियां और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि यह कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा संगठित नेटवर्क था। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त पाए गए सत्रह आरोपियों को धर दबोचा है जिनसे पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है। इन आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस सिंडिकेट का मुख्य सरगना कौन है और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन से बड़े चेहरे या मेडिकल माफिया पर्दे के पीछे से शामिल हैं।

आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़े कदम

पकड़े गए सभी संदिग्धों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं और अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। इस प्रकार के अपराध समाज के लिए एक नासूर बन चुके हैं और इनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी दवा की खरीद केवल अधिकृत और भरोसेमंद मेडिकल स्टोरों से ही करें ताकि इस तरह के धोखेबाजों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
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