सुरुचि संघ पंडाल के बाहर शनिवार रात की घटना
दक्षिण कोलकाता के बेहद प्रसिद्ध और लोकप्रिय सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर यह गंभीर घटना घटी है। शनिवार रात को जब शहर में उत्सव का माहौल था और लोग पंडाल घूमने में व्यस्त थे, तब यह शर्मनाक वाकया हुआ। पीड़ित महिला की उम्र 21 वर्ष है और वह कोलकाता में एक सिविक वालंटियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थी। उत्सव की भीड़ और रौनक के बीच आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिला को परेशान किया। पीड़िता ने बिना किसी डर के तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया और पुलिस अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया क्योंकि आरोपी खुद पुलिस विभाग का ही एक हिस्सा था। इस तरह की घटनाओं से पुलिस बल की छवि पर गहरा असर पड़ता है और आम जनता का विश्वास डगमगाता है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। शनिवार रात की इस घटना ने कोलकाता के सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है।
आरोपी सहायक उपनिरीक्षक की तीसरी बटालियन में तैनाती
इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिसकर्मी की उम्र 50 वर्ष है और वह कानून की रक्षा करने वाली इकाई का ही हिस्सा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार आरोपी कोलकाता पुलिस की तीसरी सशस्त्र बटालियन में तैनात था और ड्यूटी के दौरान उसने इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। उम्र और अनुभव होने के बावजूद एक पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा आचरण करना बेहद शर्मनाक और निंदनीय माना जा रहा है। पीड़ित 21 वर्षीय महिला ने हिम्मत दिखाते हुए सीधे न्यू अलीपुर थाने का रुख किया और वहां लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत मिलते ही न्यू अलीपुर थाने की पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए भारतीय कानूनों के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस महकमे ने आरोपी को बचाने की कोई कोशिश नहीं की बल्कि आंतरिक जांच शुरू कर दी। जांच के शुरुआती तथ्यों के आधार पर पुलिस दल ने फौरन कार्रवाई करते हुए आरोपी सहायक उपनिरीक्षक को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में ऐसे अनुशासनहीन और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की सख्त कानूनी जांच
न्यू अलीपुर थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे ने तुरंत हरकत में आते हुए मामले की फाइल खोल दी। पीड़िता द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने फौरन सबूत जुटाना शुरू किए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पर्याप्त सुराग मिलने के बाद ही गिरफ्तारी का यह बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण कोलकाता जैसे व्यस्त इलाके में एक पूजा पंडाल के बाहर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है। महिला सिविक वालंटियर जो खुद शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में मदद करती है, उसे ही जब निशाना बनना पड़े तो यह चिंता का विषय है। इस गिरफ्तारी के बाद से कोलकाता पुलिस महकमे के भीतर भी आंतरिक अनुशासन और अधिकारियों के आचरण पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके। इस तेज कार्रवाई से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि कानून सबके लिए बराबर है और वर्दी पहनने वाला भी अपराध करने पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई के दौरान और भी कई अहम खुलासे होने की पूरी संभावना है।