दिल्ली से सुल्तानपुर तक का फिल्मी अंदाज में पीछा अपहरण की इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तकनीकी सर्विलांस तथा खुफिया तंत्र की मदद से संदिग्धों की घेराबंदी शुरू कर दी। आरोपियों की लोकेशन लगातार बदल रही थी लेकिन जांच टीमों ने अपनी निगाहें लक्ष्य पर गड़ाए रखीं और दिल्ली की सीमा से निकलकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर भाग रहे वाहन या ट्रेन पर नजर बनाए रखी। सटीक सूचना मिलने पर अयोध्या पुलिस ने अपनी सक्रियता का परिचय देते हुए सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और जैसे ही संदिग्ध वहां पहुंचे, तुरंत दबिश देकर किशोरी को सकुशल मुक्त करा लिया गया। इस त्वरित अभियान से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया और कानून व्यवस्था की मुस्तैदी का एक बार फिर कड़ा संदेश पूरे इलाके में गूंज उठा।
नाबालिग मामलों में त्वरित कार्रवाई की अहमियत नाबालिग बच्चों के अपहरण से जुड़े मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद नाजुक माने जाते हैं जिनमें की गई जरा सी भी कोताही किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है। ऐसे संवेदनशील प्रकरणों में पुलिस बल अक्सर आधुनिक तकनीक, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का इस्तेमाल करके अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करता है। देश के विभिन्न महानगरों से छोटे शहरों की तरफ इस तरह की वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर विशेष सतर्कता बरती जाती है। इस प्रकार की घटनाओं के पीछे अक्सर सुनियोजित षड्यंत्र होता है जिसमें मानव तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों का अंदेशा भी बना रहता है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू पर अत्यंत बारीकी से तफ्तीश करती हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई कानूनी चूक न रह जाए।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कठोर विधिक कार्रवाई सुल्तानपुर स्टेशन पर पकड़े गए आरोपियों से अब पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि इस आपराधिक कृत्य में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। छुड़ाई गई किशोरी के बयान दर्ज करने के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और चिकित्सीय परीक्षण के बाद परिजनों को सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गंभीर मामले में अपहरण और पोक्सो अधिनियम समेत विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ कायम रहे। अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए तफ्तीश के सभी दस्तावेजों को करीने से तैयार किया जा रहा है।