चोरी और धोखाधड़ी की दो वारदातों का पर्दाफाश
छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र कवर्धा में आपराधिक वारदातों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरी हो चली हैं। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस ने गत 29 सितंबर को दो अलग-अलग मामलों का आधिकारिक तौर पर खुलासा किया है जिनमें चोरी और जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के प्रकरण शामिल हैं। पुलिस द्वारा की गई इन संयुक्त और त्वरित कार्रवाईयों के दौरान कुल पांच संदिग्ध आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया गया है। वनांचल जिले के विभिन्न थानों के अंतर्गत सामने आए इन मामलों ने पुलिस प्रशासन की सक्रियता को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। पहली बड़ी घटना एक रिहायशी मकान में हुई भारी भरकम चोरी से जुड़ी है जबकि दूसरी घटना जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान रची गई बड़ी साजिश से संबंधित है। पुलिस अधिकारियों ने दोनों ही प्रकरणों में गहन अनुसंधान के बाद इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया है जिससे कई और खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इन दोनों ही गंभीर वारदातों के सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस महकमा अब इन सभी मामलों के हर एक पहलू की गहराई से जांच-पड़ताल करने में जुटा हुआ है।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने ऐसे अंजाम दी चोरी
कवर्धा के मझगांव इलाके में हुई साढ़े बारह लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो आपस में पिता और पुत्र बताए जाते हैं। गत 24 सितंबर को पीड़ित हीरालाल साहू ने मझगांव चौकी में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने बताया था कि 15 सितंबर की शाम को अज्ञात चोरों ने उनके घर धावा बोला था। घर के अंदर रखी अलमारी के लॉकर को तोड़कर कुल 12.50 लाख रुपये की नकदी अज्ञात बदमाश चुराकर ले गए थे। घटना के समय पीड़ित परिवार के सदस्यों ने चेहरे पर गमछा बांधे हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को घर से बाहर निकलते हुए देखा था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया जिसने तकनीकी और जमीनी सबूतों के आधार पर अपनी तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी कमलेश पटेल ने गणेश चतुर्थी के मौके पर गांव में कम आवाजाही का पूरा फायदा उठाया था। आरोपी ने अपने ही पुराने मकान की छत के रास्ते से हीरालाल साहू के घर में प्रवेश किया था और इस बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी कमलेश पटेल ने चोरी की इस पूरी घटना को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसने चोरी की सारी रकम अपने पिता भागवत पटेल को इसके बारे में बता दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से कुल 11.53 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है।
जमीन रजिस्ट्री में बाईस लाख से अधिक की ठगी
कबीरधाम जिले के अंतर्गत आने वाले दामापुर थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद और रजिस्ट्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार प्रार्थी मनकी राम भास्कर ने गत 14 सितंबर 2026 को चौकी दामापुर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी इस शिकायत में उन्होंने विस्तार से बताया था कि उनकी जमीन के भुगतान के एवज में आरोपियों ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने आईडीएफसी बैंक के चेक प्रार्थी को प्रस्तुत किए थे और इन्हीं फर्जी चेक के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 22 लाख 60 हजार रुपये से भी अधिक की भारी भरकम राशि की धोखाधड़ी को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। प्रार्थी की इस लिखित शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दामापुर पुलिस ने एक विशेष मामला दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया था। पुलिस ने इस जमीन धोखाधड़ी के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन तीनों आरोपियों की पहचान करन कुमार टण्डन, किशन कुमार टण्डन और बलीराम टण्डन के रूप में की गई है। पुलिस इन सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके।