मुंबई से धारी गई आरोपी महिला
लखनऊ के रहने वाले एक वरिष्ठ नागरिक के साथ हुई बड़ी ठगी के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई शहर से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ निवासी बुजुर्ग व्यक्ति के बैंक खाते से कुल तेरह लाख पचास हजार रुपये की भारी भरकम रकम धोखाधड़ी करके उड़ाई गई थी। इस सनसनीखेज मामले में पयालीस वर्षीय महिला सलोनी कुमारी की संलिप्तता पूरी तरह से उजागर हुई थी। स्थानीय पुलिस ने तकनीकी निगरानी और पुख्ता सबूतों के आधार पर मुंबई में उसके ठिकाने का पता लगाया। इसके पश्चात पुलिस दल ने वहां पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस महिला को लेकर सड़क मार्ग या अन्य माध्यम से लखनऊ के लिए रवाना हो गई। बुजुर्ग व्यक्ति के साथ हुई इस ठगी के मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी। पकड़ी गई महिला से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
ठगी की वारदात और पुलिस की दबिश
साइबर ठगी के इस गंभीर मामले में बुजुर्ग पीड़ित ने स्थानीय थाने में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मुंबई शहर में बैठकर इस बड़े वित्तीय अपराध को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। आरोपी महिला सलोनी कुमारी ने बहुत ही शातिर तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाया था। बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस उस तक पहुंचने में पूरी तरह कामयाब रही। मुंबई पुलिस के सहयोग से स्थानीय अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ पूरा किया। महिला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अपराध में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में इस प्रकार की अंतरराज्यीय गिरफ्तारियां पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही हैं। पूछताछ के दौरान कई अन्य बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
साइबर धोखाधड़ी और सुरक्षा के उपाय
देशभर में बुजुर्गों और भोले-भाले नागरिकों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधियों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिनमें डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करके लोगों की गाढ़ी कमाई ठग ली जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना बेहद आवश्यक हो गया है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस के लिए धन की वापसी और अपराधियों की धरपकड़ करना थोड़ा आसान हो जाता है। लखनऊ में सामने आए इस ताजा मामले के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों ने ही नागरिकों को और अधिक सतर्क रहने की अपील की है। भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है।