दिल्ली हवाई अड्डे पर विशेष कार्य बल की कार्रवाई कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए विदेश से लौटे एक कुख्यात अपराधी को धर दबोचा है। लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर भाग रहे रवि उचानी को मलेशिया से भारत डिपोर्ट किए जाने के तुरंत बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करके की गई इस कार्रवाई के दौरान हरियाणा एसटीएफ की टीम पूरी तरह मुस्तैद थी और सटीक सूचना के आधार पर इस ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ अंजाम दिया गया। हवाई अड्डे पर उतरते ही आरोपी को औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया गया और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से हरियाणा ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई। इस गिरफ्तारी के साथ ही सुरक्षा बलों ने एक लंबी और पेचीदा कानूनी तथा कूटनीतिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसके चलते विदेश में छिपे बैठे एक वांछित अपराधी को अंततः स्वदेश की धरती पर कानून के दायरे में लाया जा सका है।
दो साल की लंबी तलाश और आपराधिक पृष्ठभूमि गिरफ्तार किया गया वांछित अपराधी रवि उचानी पिछले दो लंबे वर्षों से पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियों की पकड़ से पूरी तरह बाहर चल रहा था और अपने ठिकाने बदलकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। उस पर दर्जनों गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप हैं, जिसके कारण वह स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियों की भी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल था। इतने लंबे समय तक उसकी गिरफ्तारी न हो पाने के कारण पुलिस प्रशासन पर लगातार दबाव बना हुआ था, क्योंकि इस तरह के शातिर अपराधी विदेश में बैठकर भी अपनी गतिविधियों का संचालन करने या सुरक्षित पनाहगाह तलाशने में कामयाब हो जाते हैं। ऐसे भगोड़ों को वापस लाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और राज्य पुलिस बलों के बीच आपसी तालमेल बेहद जरूरी होता है ताकि रेड कार्नर नोटिस और प्रत्यर्पण संधियों के माध्यम से उन्हें भारत लाया जा सके। इस मामले में भी तमाम प्रशासनिक बाधाओं को पार करते हुए सुरक्षा बलों ने लगातार प्रयास किए और आखिरकार मलेशियाई अधिकारियों के सहयोग से उसे भारत डिपोर्ट करवाने में सफलता हासिल की, जो कि राज्य में संगठित अपराध नेटवर्क पर लगाम कसने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है।
अब आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ का दौर हवाई अड्डे पर दबोचे जाने के बाद अब इस कुख्यात अपराधी से पूछताछ का दौर शुरू होगा, जिसमें एसटीएफ के अधिकारी उससे जुड़े तमाम पुराने मामलों, उसके सहयोगियों और विदेशों में उसके संपर्कों के बारे में गहराई से छानबीन करेंगे। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे यह भी उगवाने का प्रयास किया जाएगा कि पिछले दो वर्षों के दौरान उसने किन-किन लोगों की मदद से अपनी पहचान छिपाई और विदेशों में उसके वित्तीय स्रोत क्या थे। इस पूरी कार्रवाई से राज्य के भीतर सक्रिय अन्य आपराधिक गिरोहों के बीच भी एक कड़ा संदेश गया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और देश की सीमाएं लांघकर भी अपराधी लंबे समय तक बच नहीं सकते हैं। अदालत में पेश करने के बाद उसे पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इस आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी हर एक कड़ी को उजागर किया जा सके और सह-आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जा सके। इस सफलता से न केवल पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है बल्कि आम जनता के बीच भी कानून व्यवस्था और पुलिस बल की कार्यप्रणाली के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।