अडुगोडी में मिला था शव
बेंगलुरु के अडुगोडी क्षेत्र में झारखंड की 34 वर्षीय निवासी पूजा दत्ता की मृत्यु का प्रकरण लंबे समय से चर्चा में था। पूजा दत्ता पेशे से एक टेक्नीशियन थीं और शहर में किराए के मकान में अकेले रहा करती थीं। इस साल 27 अप्रैल, 2026 को उनके आवास से उठ रही तीव्र दुर्गंध ने पड़ोसियों को असहज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। अडुगोडी थाना के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और कमरा खोला, तो अंदर का दृश्य अत्यंत भयावह था। पुलिस को वहां पूजा दत्ता का नग्न और सड़ा-गला शव मिला, जो लंबे समय से घर के अंदर पड़ा था। उस समय शव की विकृत स्थिति और आसपास बिखरे हुए कागजों पर लिखे लेखों ने स्थानीय लोगों के बीच कई तरह के गंभीर संदेह और आशंकाओं को जन्म दिया था, जिससे मामला काफी उलझ गया था।
फोरेंसिक रिपोर्ट से खुला रहस्य
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी एफएसएल (FSL) की टीम से जांच शुरू कराई थी। अब जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष कोर्ट में पेश कर दिए गए हैं, जिससे मौत की सच्चाई पर से पर्दा उठ गया है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पूजा दत्ता की जान किसी बाहरी हमले या हत्या के कारण नहीं, बल्कि उनके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था, जिस कारण उनकी मृत्यु हुई। परीक्षण के दौरान उनके शरीर की धमनियों में खून के थक्के जमा होने की पुष्टि भी हुई है। इसके अतिरिक्त, इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पूजा दत्ता मानसिक अवसाद यानी डिप्रेशन की स्थिति से जूझ रही थीं। शुरुआत में इस मामले में हत्या जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे, लेकिन गहन वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद अब सभी अटकलें समाप्त हो चुकी हैं और पुलिस ने इसे प्राकृतिक बीमारी का मामला मानते हुए अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है।
गहराई से हुई मामले की जांच
पूजा दत्ता के मामले ने उस समय पुलिस का ध्यान इसलिए भी खींचा था क्योंकि उनके घर में किसी अज्ञात युवक का अक्सर आना-जाना लगा रहता था। पुलिस ने इसी दिशा में अपनी जांच को आगे बढ़ाया था ताकि मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। घर के भीतर दीवारों और अन्य जगहों पर लगे कागजों पर लिखी बातों ने जांच को जटिल बना दिया था, लेकिन अब एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी तरह से बीमारी से जुड़ी दुखद घटना थी। अपने परिवार से सैकड़ों मील दूर रहकर काम करने वाली एक टेक्नीशियन का इस तरह से असामयिक अंत होना समाज के लिए चिंता का विषय है। अदालती कार्यवाही के दौरान प्रस्तुत इस अंतिम रिपोर्ट के साथ ही अब हत्या के तमाम कयासों पर पूर्ण विराम लग गया है। पुलिस ने अपनी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अब इस मामले को पूरी तरह से सुलझा लिया है।