दिल्ली के भजनपुरा में पुलिस मुठभेड़
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संवेदनशील भजनपुरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो खतरनाक शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह संपूर्ण कार्रवाई एक स्थानीय कारोबारी के आवासीय परिसर पर हुई गोलीबारी की वारदात के संबंध में की गई है। पुलिस दल को इन दोनों अपराधियों की लंबे समय से तलाश थी और पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर इन्हें घेर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से पुलिस और अपराधियों के बीच आमना-सामना हुआ जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटरों के पैरों में गोलियां लगीं। घायल अवस्था में दोनों को तुरंत पुलिस हिरासत में ले लिया गया और आवश्यक चिकित्सा के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में सक्रिय अपराधियों के हौसलों और पुलिस की मुस्तैदी दोनों को उजागर कर दिया है। स्थानीय निवासियों के बीच इस सनसनीखेज पुलिस कार्रवाई के बाद से भारी दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
कारोबारी के घर पर चलाई थी गोलियां
गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों ने कुछ दिन पहले ही दिल्ली के भजनपुरा इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध कारोबारी के घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस सनसनीखेज फायरिंग की घटना से पूरे इलाके के व्यापारिक वर्ग में भारी भय का वातावरण पैदा हो गया था क्योंकि अपराधियों ने खुलेआम कानून को चुनौती दी थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और अपराध शाखा के साथ मिलकर कई विशेष टीमों का गठन किया गया ताकि इन शूटरों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिले सुरागों के जरिए पुलिस इन दोनों अपराधियों के ठीक ठिकाने तक पहुँचने में कामयाब रही। एनकाउंटर के वक्त जब पुलिस ने इन बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस दल पर ही निशाना साधना शुरू कर दिया। आत्मरक्षार्थ पुलिस की तरफ से चलाई गई गोलियों से दोनों आरोपियों के पैरों में चोटें आईं और वे मौके पर ही धराशाई हो गए। पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं जिनकी फोरेंसिक जाँच की जा रही है।
अपराधियों पर शिकंजा और सुरक्षा इंतजाम
देश की राजधानी में इस तरह की लक्षित गोलीबारी की घटनाएं कारोबारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। दिल्ली पुलिस ऐसे मामलों में अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आती है ताकि आपराधिक तत्वों में कड़ा संदेश जा सके। इस प्रकार की वारदातों के पीछे आमतौर पर रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों का हाथ होता है जो बड़े व्यापारियों को डराकर अवैध वसूली करना चाहते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन दोनों गिरफ्तार शूटरों को इस गोलीबारी को अंजाम देने के लिए किसने निर्देश दिए थे और इस सिंडिकेट के तार किन अन्य लोगों से जुड़े हैं। अदालत के आदेशानुसार इन आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापे मारे जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन दोनों के पकड़े जाने से राजधानी में सक्रिय एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।