कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'आजम थे, हैं और रहेंगे, फर्जी मुकदमे लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकते', जेल में मुलाकात के बाद बोले अखिलेश      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      तिब्बत में 7 की तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, 16 लोगों की मौत, 32 लोग घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      चुनाव आयोग अधिकारी पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: संधू-जोशी ने कैबिनेट सचिव से शिकायत की थी, कार्रवाई नह...      UP, बिहार और महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर आज वोटिंग, CM योगी के गढ़ में सपा से सीधी टक्कर     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम ब्रेकिंग

छापेमारी और पड़ताल: आर्थिक अपराध इकाई ने की बालू स्टॉक की गहन जांच

बिहार में अवैध खनन और स्टॉक पर नकेल कसने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालू के भंडारों की आधिकारिक तौर पर जांच शुरू कर दी है। इस उच्च स्तरीय जांच से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

A
Ankit Yadav
28 अग 2026, 17:10
छापेमारी और पड़ताल: आर्थिक अपराध इकाई ने की बालू स्टॉक की गहन जांच
राज्य में लंबे समय से अवैध बालू खनन और उसके अवैध भंडारण को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों की विशेष टीमों ने विभिन्न जिलों में पहुंचकर बालू के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करना शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेजों में दर्ज मात्रा और धरातल पर मौजूद स्टॉक में कोई भारी अंतर न हो, और अवैध तरीके से बाजार में बालू की आपूर्ति न की जा सके।

अवैध कारोबार पर शिकंजा

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की जा रही इस औचक जांच से पूरे प्रशासनिक तंत्र में सतर्कता बढ़ गई है। जांच के दौरान स्टॉकयार्ड के कागजात, चालान, और स्टॉक रजिस्टर का बारीकी से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की सख्त पड़ताल से न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले तत्वों के खिलाफ भी ठोस कानूनी सबूत जुटाए जा सकेंगे। शुरुआती दौर की जांच के बाद कई स्थानों पर विसंगतियां मिलने की आशंका भी जताई जा रही है, जिस पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार जैसे राज्यों में बालू का अवैध कारोबार लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसमें अक्सर स्थानीय माफियाओं और बिचौलियों की संलिप्तता सामने आती है। आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई को राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है। जांच टीमों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उन तमाम संपर्कों और सिंडिकेट्स की पहचान करें जो अवैध रूप से बालू के स्टॉक को छिपाने और बेचने के कार्य में लिप्त हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीडियोग्राफी और डिजिटल रिकॉर्डिंग का भी सहारा लिया जा रहा है ताकि बाद में आरोपियों के पास बचने का कोई रास्ता न बचे। स्थानीय स्तर पर इस प्रकार की छापामारी और स्टॉक सत्यापन से कारोबारियों में खलबली मची हुई है। कई स्थानों पर दुकानदारों और स्टॉक मालिकों ने अपने कागजात दुरुस्त करने शुरू कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि यदि यह अभियान लगातार जारी रहा, तो बाजार में बालू की कीमतों और इसकी अवैध आपूर्ति पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी। आर्थिक अपराध इकाई आने वाले दिनों में अपनी इस जांच का दायरा और अधिक जिलों तक बढ़ा सकती है, जिससे इस अवैध नेटवर्क से जुड़े बड़े चेहरों बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज