आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी का खुलासा
राजस्थान के कपासन क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की घटनाओं में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र 28 सितंबर को सिंहपुर निवासी बद्रीलाल जाट के निवास पर हुई बड़ी चोरी बनी थी। अज्ञात चोर ने घर के अंदर से लगभग पांच सौ ग्राम वजनी चांदी का कंदौरा, पायजेब, चांदी की बिछुड़ियां और सोने की अंगूठियां चुरा ली थीं। बद्रीलाल जाट की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्रसिंहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था। गहन जांच और तकनीक की मदद से पुलिस ने अंततः आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने न केवल सिंहपुर में हाथ साफ करने की बात स्वीकार की, बल्कि इलाके में हुई अन्य कई चोरियों का राज भी खोला है। पुलिस अब इन घटनाओं में शामिल अन्य पहलुओं और चोरी की गई संपत्ति की बरामदगी के लिए आरोपी से लगातार सवाल-जवाब कर रही है ताकि लूटा गया सामान वापस मिल सके।
विभिन्न क्षेत्रों में अंजाम दी गई वारदातें
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराधों की लंबी सूची पुलिस के सामने रखी है। उसने बताया कि कल्याणपुरा में उसने 60 हजार रुपये की नकद राशि और सोने के कीमती जेवरात चोरी किए थे। इसके अलावा, मुंगाना गांव में भी उसने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ ही तीन हजार रुपये की नगदी पर हाथ साफ किया था। आरोपी के कबूलनामे के अनुसार, उसने सिंहपुर और जाशमा जैसे गांवों में भी कई बार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इन सभी जगहों से उसने नकदी और कीमती गहने चुराए थे। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने के लिए थानाधिकारी सुनील शर्मा, उप निरीक्षक तुलसीराम, एएसआई उदयलाल और साइबर सेल के रामावतार सहित पुलिसकर्मियों की टीम ने कड़ी मेहनत की है। सूचना अधिकारी और कांस्टेबल जितेंद्र गुर्जर की भूमिका इस मामले के खुलासे में सबसे अधिक प्रभावी रही है, जिन्होंने सटीक जानकारी जुटाकर आरोपी तक पहुंचने में पुलिस टीम की मदद की थी। चोरी निरोधक टीम के सदस्य दुर्गेश और पदम भी इस ऑपरेशन में सक्रियता से शामिल रहे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और सतर्कता
आरोपी की गिरफ्तारी से कपासन के आसपास के ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है। पुलिस अभी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि चुराया गया सामान उसने कहां और किसे बेचा या छिपाया है। चोरी किए गए सामान की बरामदगी के लिए अधिकारी अब अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं ताकि पीड़ित लोगों को उनका कीमती सामान वापस मिल सके। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपी से पूछताछ का सिलसिला अभी समाप्त नहीं हुआ है। संभावना है कि अन्य वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सजग रहें और किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत थाने को सूचित करें। इस सफलता के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उसके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है ताकि उसके गिरोह या सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके।