गुरुवार शाम को हुआ सड़क हादसा
बाराबंकी जिले के अंतर्गत आने वाले सतरिख थाना क्षेत्र के भिखारीपुरवा मजरे कमरपुर गांव में गुरुवार की शाम को एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। भिखारीपुरवा गांव के निवासी अमित कुमार के दस वर्षीय पुत्र शौर्य वर्मा स्थानीय विद्यालय में पढ़ाई करते थे। वह अपने विद्यालय से संबंधित किसी कार्य के लिए कुछ सामान खरीदने के वास्ते साइकिल पर सवार होकर बाजार की तरफ रवाना हुए थे। इसी दौरान रास्ते में सामने की तरफ से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक टक्कर के कारण मासूम शौर्य सड़क पर जोर से गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे की आवाज सुनकर और मौके पर तुरंत लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत इस दुर्घटना की जानकारी उनके परिवार के सदस्यों को दी। परिजन बिना देर किए मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में पड़े अपने बच्चे को लेकर सीधे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे की स्थिति बहुत अधिक नाजुक और गंभीर देखते हुए उसे तत्काल प्रभाव से लखनऊ के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परंतु परिजनों के अनुसार लखनऊ के ट्रामा सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही शौर्य ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम
सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल उस ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है जिसने मासूम को टक्कर मारी थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक छात्र शौर्य वर्मा के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के पूरे परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया है और हर कोई स्तब्ध है। दस वर्षीय शौर्य वर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान और परिवार का इकलौता चिराग था। माता-पिता ने अपने इस बेटे को बड़े लाड़ और प्यार से पाला-पोसा था और उसके भविष्य को लेकर बड़े-बड़े सपने संजोए रखे थे। लेकिन इस अचानक हुई दर्दनाक दुर्घटना ने उनके उन सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया और पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। हादसे की खबर मिलते ही घर के भीतर चीख-पुकार मच गई और रोने-बिलखने की आवाजें गूंजने लगीं। मृतक के पिता अमित कुमार, उनकी माता किरन और उनकी बड़ी बहन जीवा का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो चुका है। अपने इकलौते भाई और बेटे को इस तरह अचानक खो देने के गम में परिजन बार-बार बेहोश हो रहे हैं।
छात्र की मौत से पसरा मातम
मासूम शौर्य वर्मा के इस असमय निधन से उसके पूरे घर के आंगन का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। जिस घर के आंगन में कुछ ही समय पहले तक शौर्य की नन्ही और प्यारी किलकारियां गूंजा करती थीं, वहां अब केवल मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के भविष्य की एक बहुत बड़ी उम्मीद बन चुका वह मासूम अचानक सभी को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है। पिता अमित कुमार और मां किरन के चेहरों पर अपने जवान होते बेटे के इस तरह बिछड़ जाने का गहरा दर्द और आघात साफ-साफ झलक रहा है। भाई को हमेशा के लिए खोने के गम में बड़ी बहन जीवा का भी रोते-रोते बुरा हाल है और वह बार-बार अपने भाई को याद कर रही है। जब भी कोई सगा-संबंधी या पड़ोसी इस शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचता है, तो माता-पिता का विलाप देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो जाती हैं। स्थानीय निवासियों और रिश्तेदारों के अनुसार इस हंसते-खेते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है जिससे उबर पाना उनके लिए बहुत कठिन होगा। पुलिस इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और ट्रैक्टर चालक की तलाश तथा अन्य पहलुओं की जांच जारी है।