पारा में दरोगा की बाइक दुर्घटनाग्रस्त
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में वीआईपी ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा सड़क हादसे का शिकार हो गए। मानकनगर थाने में पदस्थ दरोगा अनिल कुमार 8 जुलाई की सुबह अपने निजी काम से घर से निकलकर आशियाना थाना जा रहे थे। इस दौरान सुबह लगभग 6 बजे जब वे तिकोनिया के पास पहुंचे, तो उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार सफेद इनोवा क्रिस्टा ने जोरदार टक्कर मार दी। इस अचानक हुई टक्कर के कारण दरोगा की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दरोगा के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन समेत फरार हो गया। इस घटना के समय दरोगा अनिल कुमार वीआईपी ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार होकर अपने हर्ष नगर स्थित कमरे से निकले थे। घटना के बाद घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया गया।
आरोपी चालक की तलाश में पुलिस जुटी
हादसे के बाद आरोपी चालक की पहचान के लिए पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित दरोगा अनिल कुमार ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा का पंजीकरण नंबर UP32 VN 6164 है। हालांकि दरोगा ने इस संबंध में 8 सितंबर को पारा थाना पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा था, लेकिन मामले में केस दर्ज करने की प्रक्रिया 29 सितंबर तक चली। स्थानीय थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने पुष्टि की है कि वाहन के नंबर के आधार पर आरोपी को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है ताकि फरार चालक को पकड़ा जा सके। हादसे के कारण दरोगा अभी भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और दोषी को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जा सके।
कानूनी प्रक्रिया और जांच का भविष्य
इस सड़क दुर्घटना के बाद अब पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि एक दरोगा स्वयं इसका शिकार बने हैं। वीआईपी ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर जाते समय दरोगा का घायल होना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी एक चिंता का विषय बना है। पारा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त गाड़ी का चालक कौन था और वह इतनी तेज रफ्तार में क्यों था। इस मामले ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हिट एंड रन के बढ़ते मामलों पर बहस छेड़ दी है। दरोगा के परिजनों और सहकर्मियों ने भी आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। थाना प्रभारी का कहना है कि विवेचना जारी है और जल्द ही ठोस परिणाम सामने आएंगे। आने वाले दिनों में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह घटना आम जनता को भी सड़क पर सतर्क रहने का संकेत देती है, ताकि किसी की लापरवाही से किसी की जान खतरे में न पड़े।