शुक्रवार सुबह फरेन नाले में मिला शव
गोरखपुर जिले के ब्रह्मपुर और चौरीचौरा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित झंगहा थाना इलाके के जंगल रसूलपुर नंबर दो टोला सौलाभारी में शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया। यहां के स्थानीय निवासियों ने फरेन नाले में पानी के बीच एक बुजुर्ग महिला का शव तैरते हुए देखा। इस अजीब और संदिग्ध स्थिति को देखकर आसपास के तमाम लोग तुरंत उस स्थान पर एकत्र हो गए। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल बिना किसी देरी के तुरंत घटनास्थल पर रवाना हो गया। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलवाया। शव बाहर आने के बाद उसकी पहचान और अन्य प्राथमिक जांच-पड़ताल की प्रक्रिया शुरू की गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है क्योंकि मृतका पिछले कई दिनों से अपने घर से रहस्यमय तरीके से गायब थी। पुलिस ने अपनी शुरुआती औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए।
मानसिक अस्वस्थता और गुमशुदगी का ब्यौरा
पुलिस जांच के दौरान मृतका की पहचान सौलाभारी के रहने वाले महेश यादव की बुआ के रूप में हुई। मृतका की पहचान 70 वर्षीय लक्ष्मीना देवी के रूप में की गई है जो स्व. प्रेमचंद यादव की पत्नी थीं। परिजनों ने पुलिस को दी गई अपनी औपचारिक तहरीर में बताया कि लक्ष्मीना देवी पिछले काफी लंबे समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही थीं। इसके साथ ही उनकी उम्र भी काफी अधिक हो चुकी थी जिससे वे अपनी सुध-बुध ठीक से नहीं रख पाती थीं। बीते 30 सितंबर को वह अचानक अपने घर से बिना किसी को बताए कहीं चली गईं और वापस नहीं लौटीं। उनके इस प्रकार अचानक गायब हो जाने के बाद परिवार के सभी सदस्य लगातार उनकी खोजबीन कर रहे थे। वे रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। अंततः शुक्रवार की सुबह उनका शव उनके ही गांव के पास स्थित फरेन नाले में बरामद हुआ। परिवार के लोगों का मानना है कि अधिक उम्र और मानसिक अस्वस्थता के कारण वह संतुलन खो बैठी होंगी और नाले में गिर जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी लोग गहरे सदमे में डूबे हुए हैं।
पोस्टमार्टम से इनकार और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के सामने शव के पोस्टमार्टम कराने का प्रस्ताव रखा। हालांकि मृतका के परिवार के सदस्यों ने किसी भी तरह की कानूनी उलझन या जांच से बचने के लिए शव का पोस्टमार्टम करवाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि वे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय जांच या कानूनी पचड़े में अपने परिवार के सदस्य के शव को नहीं फंसाना चाहते हैं। उन्होंने लिखित रूप से पुलिस अधिकारियों को अपनी इस मंशा से अवगत करा दिया जिसके बाद प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाई। परिजनों की इस सहमति और लिखित अनुरोध को आधार बनाते हुए पुलिस ने मौके पर ही पंचनामा भरने की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। पंचनामा की कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने मृतका के शव को पूरी तरह से उनके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने इसके बाद अपनी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार आगे के अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं को पूरा किया। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें इस मामले में किसी भी बाहरी व्यक्ति पर कोई संदेह नहीं है और यह पूरी तरह से एक दुर्घटना प्रतीत होती है। इस प्रकार सभी पक्षों की सहमति से पुलिस ने मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई को सफलतापूपर्वक समाप्त कर दिया।