करमादांडी निवासी आशीष ने दी जान
कानपुर में पेंटिंग का कार्य करने वाले करमादांडी गांव के रहने वाले आशीष ने अपने घर पर ही आत्महत्या कर ली। वह बीते सप्ताह ही अपने गांव वापस लौटा था जबकि उसके पिता दिल्ली में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। आशीष ने अपनी जान देने से पूर्व एक नोट छोड़ा जिसमें उसने लिखा कि उसे एक युवती के परिवार द्वारा गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उसने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर की रात्रि को पड़ोसी गांव की एक युवती ने उसके ऊपर सामूहिक दुष्कर्म का झूठा आरोप मढ़ा था। इस मामले में उसने दावा किया कि घटना के वक्त वह चित्रकूट के भगवतपुर में मौजूद था और उसने जांच के लिए अपने मोबाइल फोन की लोकेशन निकलवाने की मांग की थी। उसने अपनी इस असामयिक मौत के लिए सीधे तौर पर उस युवती को दोषी करार दिया। उसके इस कदम से पूरे परिवार में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस प्रताड़ना और पांच लाख मांगने का आरोप
मृतक युवक के सुसाइड नोट और उसके चचेरे भाई पुष्पेंद्र के बयानों के मुताबिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुष्पेंद्र का कहना है कि आशीष ने उसे फोन करके बताया था कि स्थानीय पुलिस उसे लगातार परेशान कर रही है। सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र किया गया था कि पुलिस अधिकारियों द्वारा उससे पांच लाख रुपये की मांग की जा रही थी और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर आशीष का एक वीडियो भी तेजी से प्रसारित हुआ जिसमें वह अपनी दोनों बहनों के विवाह कार्यों में आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाता नजर आया। इन तमाम आरोपों के सामने आने के बाद महकमे में हलचल मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस विभाग की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि रुपये मांगने के सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं।
एसपी और थाना प्रभारी की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर एसपी पलाश बंसल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आशीष करीब तीन वर्ष पूर्व एक हत्या के मामले में जेल जा चुका था। उन्होंने आगे जानकारी दी कि युवती के पिता की तरफ से लिखित तहरीर दी गई थी जिसके आधार पर उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया कि युवक के आवास पर एक दारोगा तथा सिपाही को भेजा गया था ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार के रुपये मांगने की बात पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि दिवंगत युवक के परिवार के सदस्य आधिकारिक रूप से कोई लिखित तहरीर देते हैं तो गहनता से जांच की जाएगी। जांच के उपरांत युवती के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज कराने के आरोप में विधिक कार्रवाई की जाएगी।