तिवारीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी के साथ गंभीर वारदात
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के अंतर्गत आने वाले स्थानीय इलाके में कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक घटना प्रकाश में आई है। पुलिस सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार तिवारीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक स्थानीय निवासी की नाबालिग बेटी के साथ घिनौना अपराध किया गया। रविवार की शाम को लगभग छह बजे के आसपास यह घटना घटित हुई जब परिवार की ओर से बेटी को स्थानीय कारीगर के पास भेजा गया था। घर से कुछ ही फासले पर स्थित दूसरी कॉलोनी में रहने वाला एक व्यक्ति अपने मकान के अंदर ही महिलाओं के वस्त्र सिलने का कार्य करता था। दीपावली के पर्व से पहले घर के सदस्यों के कुछ वस्त्र तैयार करवाने थे जिसके वास्ते किशोरी को उस कारीगर के पास भेजा गया था। जब बच्ची उस शख्स के घर पर पहुंची तब उसने काम का बहाना बनाकर उसे थोड़ी देर रुकने का इशारा किया। इसके उपरांत उसने कमरे के भीतर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और मासूम के साथ जबरदस्ती करते हुए दुष्कर्म की इस घृणित वारदात को अंजाम दिया। घटना के तुरंत बाद जब डरी सहमी बच्ची अपने घर वापस लौटी तो उसके शरीर पर पहने गए वस्त्र पूरी तरह से अस्त व्यस्त स्थिति में थे। परिवार के सदस्यों ने जब बच्ची की इस डरी हुई हालत को देखा तो उनके मन में आशंका उत्पन्न हुई और उन्होंने उससे काफी देर तक पूछताछ की। काफी जद्दोजहद और पूछने के बाद रोते बिलखते हुए बच्ची ने अपने ऊपर बीती हुई इस दर्दनाक कहानी के बारे में अपने परिजनों को विस्तार से बताया।
पिता की शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
अपनी बेटी की आपबीती सुनने के बाद पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तुरंत थाने पहुंचे। किशोरी के पिता ने साहस दिखाते हुए स्थानीय थाने में जाकर इस पूरी घटना की लिखित तहरीर दी। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाया और तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया। इस जघन्य अपराध में कानूनी शिकंजा कसते हुए पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देना और तलाश शुरू कर दी। सोमवार के दिन पुलिस को एक गुप्तू सूचना मिली जिसके आधार पर उन्होंने जाल बिछाकर आरोपी को उसके अपने ही क्षेत्र से दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान जमशेद आलम के रूप में हुई है जो स्थानीय इलाके में ही कपड़े सिलने का काम करता था। पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह महत्वपूर्ण बात सामने आई कि वह आरोपी व्यक्ति सुनने तथा बोलने की शारीरिक क्षमता से पूरी तरह असमर्थ है। पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने मामले के तथ्यों और पुलिस की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
स्थानीय पुलिस का बयान और आगामी विवेचना की प्रक्रिया
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की बात कह रहा है। तिवारीपुर थाने के प्रभारी अधिकारी विकास सिंह ने मीडिया को इस संबंध में आधिकारिक बयान देते हुए पूरी स्थिति स्पष्ट की है। थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही पीड़ित परिवार की तरफ से थाने में शिकायत पत्र प्राप्त हुआ तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुकदमा पंजीकृत किया और बहुत कम समय के भीतर ही आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी की पत्नी भी शारीरिक रूप से दिव्यांग है और पैरों से चल नहीं सकती है। यह दम्पति अपने घर पर ही कपड़े सिलाई का काम करके अपने परिवार के भरण पोषण के लिए आजीविका कमाते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की विवेचना को बेहद कम समय में ही मुकम्मल कर लिया जाएगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत में जल्द से जल्द आरोप पत्र यानी चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी ताकि दोषी को सख्त कानूनी सजा मिल सके। इस घटना के बाद से स्थानीय इलाके के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी पीड़ित परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया है।