सिगरा थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई
वाराणसी में त्योहारी सीजन के दौरान अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर काम कर रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को स्थानीय सिगरा थाने की पुलिस ने पचपेड़वा इलाके में स्थित लोहे की पुरानी टंकी के पास एक संदिग्ध वाहन को रोका और जांच अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों को पहले से ही खुफिया तंत्र के माध्यम से इनपुट मिला था कि शहर के भीतर मालवाहक वाहन के जरिए प्रतिबंधित सामग्री की एक बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। इस विशेष सूचना के आधार पर पुलिस कर्मियों ने उस क्षेत्र में घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की थी। तभी वहां से गुजर रहे एक पिकअप वाहन को रुकने का संकेत दिया गया। पुलिस दल को देखकर वाहन के चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत दबोच लिया और हिरासत में ले लिया।
पशु आहार की बोरियों के नीचे छिपाए गए थे पैकेट
पकड़े गए वाहन की जब गहराई से तलाशी ली गई तो उसमें पशुओं के खाने की कुल 10 बोरियां रखी हुई पाई गईं। प्रथम दृष्टया देखने पर यह वाहन पूरी तरह से एक सामान्य मालवाहक ट्रक की तरह प्रतीत हो रहा था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो सके। हालांकि जब पुलिस ने उन बोरियों को हटाकर नीचे जांच की तो उनके होश उड़ गए। उन बोरियों के ठीक नीचे अवैध मादक पदार्थ के कुल 30 पैकेट करीने से छिपाकर रखे गए थे। जब इन सभी पैकेटों का वजन कराया गया तो कुल मात्रा 31.275 किलोग्राम निकली। पुलिस के अनुसार बाजार में इस बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए आंकी गई है। पकड़े गए संदिग्ध व्यक्ति की शिनाख्त बिहार राज्य के बक्सर जिले के अंतर्गत आने वाले नवाडेरा इलाके के निवासी राजकिशोर गौड़ के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह पशु आहार की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था।
तस्करी के नापाक मंसूबों को नाकाम कर जेल भेजा गया आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पशु आहार की बोरियों के नीचे इसलिए माल छिपाया था क्योंकि उसकी तेज गंध से प्रतिबंधित सामग्री की महक दब जाएगी। उसे पूरा भरोसा था कि इस तरकीब की वजह से रास्ते में कोई भी जांच एजेंसी उसके वाहन की गहराई से तलाशी नहीं लेगी और वह आसानी से निकल जाएगा। लेकिन पुलिस कर्मियों की लगातार सतर्कता और चौकसी के कारण उसकी यह चाल पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। अब स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।